असम के कोकराझार जिले में संवेदनशील इलाकों में सेना तैनात की गई है। यहां भीड़ हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद आगजनी और बोडो और आदिवासियों के बीच झड़पें हुईं। यह जानकारी अधिकारियों ने बुधवार को दी।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इससे पहले कहा था कि सेना की तैनाती के लिए व्यवस्थाएं कर ली गई हैं, जबकि भीड़ हिंसा और झड़पों के बाद रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) पहले से ही मौके पर मौजूद है। गृह विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार रात को करीगांव चौकी के अंतर्गत मानसिंह रोड पर तीन बोडो लोगों को ले जा रहे एक वाहन ने दो आदिवासी व्यक्तियों को टक्कर मार दी।
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खबरों के मुताबिक, तीनों बोडो लोगों को पड़ोसी आदिवासी ग्रामीणों ने बुरी तरह पीटा और गाड़ी में आग लगा दी। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति की उसी दौरान मौत हो गई। वहीं, दूसरे ने मंगलवार को चोटों के कारण दम तोड़ दिया। उन्होंने आगे बताया कि तीन अन्य घायल अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को स्थिति तब और बिगड़ गई जब बोडो और आदिवासी समुदायों ने करीगांव चौकी के पास स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया, टायर जलाए, एक सरकारी कार्यालय में आग लगा दी और करीगांव पुलिस चौकी पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए। हमलों के डर से करिगांव के कई ग्रामीणों के भाग जाने के बाद, कोकराझार जिला प्रशासन ने करिगांव हाई स्कूल और ग्वाजनपुरी अमनपारा हाई स्कूल में दो राहत शिविर स्थापित किए हैं।
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