Maharashtra: भारतीय सेना ने गैर-परंपरागत खतरों के बढ़ते खतरे को देखते हुए मुंबई में दो दिवसीय अंतर-सेवा सुरक्षा अभ्यास आयोजित किया, जिसमें सेना, नौसेना, वायु सेना, तटरक्षक बल, फोर्स वन और मुंबई पुलिस ने हिस्सा लिया। इस अभ्यास का मकसद आपसी तालमेल बढ़ाना, खतरे से निपटने की तैयारी परखना और मिलकर तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता की जांच करना था।
गैर-परंपरागत खतरों के बदलते स्वरूप के मद्देनजर भारतीय सेना ने मुंबई में एक उच्च स्तरीय संयुक्त अंतर-सेवा सुरक्षा अभ्यास किया। रक्षा मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी।
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मंत्रालय ने एक बयान में जानकारी दी कि यह दो दिवसीय अभ्यास 30 और 31 मई को कोलाबा के सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्र और मुंबई के फोर्स वन प्रशिक्षण क्षेत्र में आयोजित किया गया, जिसका समापन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में हुआ। बयान में कहा गया, गैर-परंपरागत खतरों के बदलते स्वरूप और वर्तमान बढ़े हुए सुरक्षा माहौल के जवाब में भारतीय सेना ने एक उच्च स्तरीय संयुक्त अंतर-सेवा सुरक्षा अभ्यास आयोजित किया।
इस दो दिवसीय अभ्यास में सेना, नौसेना, वायु सेना, तटरक्षक बल, फोर्स वन (महाराष्ट्र) और मुंबई पुलिस ने भाग लिया। बयान में कहा गया, इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच सहयोग को मजबूत करना, संचालन की तत्परता का आकलन करना और बहुआयामी सुरक्षा परिस्थितियों के लिए एकीकृत प्रतिक्रिया तंत्र को परखना था।
अभ्यास में कई तरह की मुश्किल परिस्थितियां तैयार की गईं, जैसे कि टीमों का मिलकर जल्दी और सही तरीके से काम करना, इलाके की सुरक्षा करना, खतरों को खत्म करना, घायल लोगों को जल्दी सुरक्षित जगह पर ले जाना और सभी टीमों का एक साथ काम करना। यह सब जल्दी-जल्दी किया गया ताकि सभी को वास्तविक हालत जैसा लगे और वे जल्दी सही फैसला लेना सीख सकें।
बयान में कहा गया, इस अभ्यास से अलग-अलग एजेंसियों को आपस में बेहतर तालमेल बनाने, संचार को आसान करने और एक साथ मिलकर काम करने का तरीके को मजबूत करने का मौका मिला है। सभी संबंधित सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन अभ्यासों की निगरानी की, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि तय नियमों का सही तरीके से पालन हो। इसमें कहा गया, अभ्यास के दौरान दिखाई गई साझा पेशेवर क्षमता और तालमेल ने भारत की मजबूत बहु-एजेंसी सुरक्षा व्यवस्था और किसी भी नए खतरे का तेजी से जवाब देने की क्षमता को दिखाती है।