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सेना प्रमुख ने कहा, चीन ताकतवर तो भारत भी कमजोर नहीं 

Sat, 13 Jan 2018 05:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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Bipin Rawat - फोटो : AmarUjala
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चीन की ओर से लगातार हो रही घुसपैठ पर सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार को कहा कि भारत किसी को भी अपने क्षेत्र में घुसने की अनुमति नहीं देगा। चीन भले ही ताकतवर देश हो, लेकिन भारत भी कमजोर नहीं है। सालाना प्रेस कांफ्रेंस में सेना प्रमुख ने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत अपना ध्यान उत्तरी सीमा की तरफ केंद्रित करे। देश चीन की आक्रामकता से निपटने में पूरी तरह से सक्षम है। 
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क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने के चीन की कोशिशों पर उन्होंने कहा कि भारत अपने पड़ोसियों को देश से दूर होकर चीन के करीब नहीं जाने दे सकता। दोकलम विवाद से जुड़े सवालों के जवाब में कहा कि सेना हर स्थिति के लिए तैयार थी। उन्होंने स्वीकार किया कि विवाद बढ़ने पर युद्ध की स्थिति पैदा हो सकती थी। हम इसके लिए भी तैयार थे। इस क्षेत्र में भौगोलिक स्थिति भारत के पक्ष में थी और हम इस विवाद को उसी इलाके तक सीमित रखना चाहते थे। कई हफ्ते तक चले विवाद के बाद चीन अपने रुख में नरमी लाते हुए दोकलम से सेना को पीछे हटाने पर राजी हुआ था। 

पढ़ें- आर्मी चीफ के बयान पर चीन ने साधी चुप्पी, डोकलाम में सेना की गश्त का किया दावा
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उत्तर कश्मीर से अब आतंकियों का किया जाएगा सफाया

जनरल बिपिन रावत
आतंकियों के खिलाफ सेना का अभियान जारी रखने का एलान करते हुए जनरल रावत ने माना कि कश्मीर में अभी आतंकवाद खत्म नहीं हुआ है। वर्ष 2017 में सेना ने अपना ध्यान दक्षिण कश्मीर में केंद्रित रखा था। इसमें बड़ी सफलता हाथ लगी। इस साल हमारा सारा ध्यान उत्तर कश्मीर के बारामूला, पट्टन, कुपवाड़ा, सोपोर, हंदवाड़ा, लोलाब और बांदीपुरा पर होगा। 

पाक की पोस्टों को तबाह करने की रणनीति

सेनाध्यक्ष ने कहा कि पाकिस्तान के रुख के मद्देनजर हमने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पाक को कड़ा सबक सिखाने के लिए सेना अब उसकी पोस्टों को तबाह कर रही है जहां से आतंकियों को घुसपैठ के लिए मदद मुहैया कराई जाती है। उसे भारत से तीन से चार गुना ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा है।

जैविक हथियारों का खतरा बढ़ा

डीआरडीओ के सीबीआरएन वर्कशॉप के उद्घाटन पर जनरल रावत ने कहा कि रसायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (सीबीआरएन) हथियारों के इस्तेमाल का खतरा हकीकत का रूप ले रहा है। इस संबंध में विशेष रूप से खतरा नॉन स्टेट एक्टर्स की तरफ से है। उन्होंने कहा कि सीबीआरएन से जान और माल का भारी नुकसान हो सकता है जिससे उबरने में काफी समय लगेगा। 
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