भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत का कहना है कि सेना पाकिस्तान को बहुत जल्द जम्मू और कश्मीर के सुंजवां में हुए फिदायीन हमले का माकूल जवाब देगी। सुंजवां में जैश-ए-मोहम्मद द्वारा किए गए हमले में 6 जवानों के साथ एक नागरिक शहीद हो गया था। घटना के बाद रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि पाकिस्तान को इसके लिए भुगतना पड़ेगा। उन्होंने इस आतंकी संगठन पर पाक द्वारा आर्थिक सहयोग देने का आरोप लगाया था।
बुधवार को आर्मी चीफ ने एक इंटरव्यू में कहा- पाकिस्तान सोचता है कि वह एक ऐसी लड़ाई लड़ रहा है जो उसे फायदा पहुंचा रही है लेकिन हमारे पास बहुत से विकल्प मौजूद हैं जिसमें सर्जिकल स्ट्राइक शामिल है। हालांकि उन्होंने कार्रवाई के बारे में सूचना देने से मना कर दिया। रावत ने कहा कि जब पाकिस्तान भारत में आतंकी भेजना बंद कर देगा तब हम भी जवाबी कार्रवाई करना बंद कर देंगे।
सरकारी डाटा के अनुसार एलओसी पर सीजफायर का उल्लंघन पिछले साल से काफी बढ़ गया है। साल 2017 में 860 सीजफायर के उल्लंघन की घटना सामने आई थीं जबकि साल 2016 में 271 इस तरह की घटनाएं घटी थी। रावत ने पत्थरबाजी मामले में सेना का बचाव करते हुए कहा कि पत्थरबाज सेना के ऑपरेशन में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि सेना को अपना काम करना है। हम किसी को क्षति नहीं पहुंचाना चाहते हैं लेकिन आप हमसे उस समय क्या अपेक्षा करेंगे जब हम पत्थरबाजों की भीड़ से घिर जाएंगे? शोपियां में भी हमने पहले हवा में फायरिंग की थी।
फारूक अहमद डार के मामले को उठाते हुए सेनाध्यक्ष ने कहा कि मैं आपको बताना चाहता हूं कि हम स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हैं। इसी वजह से जनाजे के समय हम किसी तरह का ऑपरेशन को अंजाम नहीं देते। यह जानने के बावजूद कि उनमें आतंकी शामिल होते हैं और हवाई फायरिंग करते हैं।