रायसीना 2018 में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आतंकवाद को गंभीर मुद्दा बताया और कहा कि डिजिटल युग में आतंकवाद बहुत गंभीर समस्या है। आतंकवाद आज भी सभी प्रकार की समस्याओं की जड़ है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हमारे प्रयास लगातार बढ़े हैं।
वहीं आतंकवाद पर सेना प्रमुख बिपिन रावत ने भी खुलकर बात की। रावत ने कहा कि आतंकवादी हाई टेक्नॉलाजी सिस्टम का प्रयोग कर रहे हैं और इंटरनेशनल बॉर्डर पर अतिक्रमण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें जरूरत है कि हम आतंकियों और उनकी मदद करने वाले लोगों को खत्म करें। हमें ऐसे देशों की भी पहचान करनी होगी जोकि आतंकियों की मदद करते हैं।
सेना प्रमुख ने कहा कि अगर आतंकियों के हाथ में परमाणु और कैमिकल हथियार आ गए तो यह मानवता के लिए बड़ी आपदा होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया और इंटरनेट पर कुछ जांच के बाद प्रतिबंध लगाए गए हैं जिनका आतंकी संगठन हमेशा सहारा लेते थे।
पूर्व पाकिस्तान डिप्लोमेट हुसैन हक्कानी ने अच्छे और बुरे आतंकवाद पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि जब आप किसी आतंकी गतिविधि में शामिल लोगों को यह कहकर बचाने की कोशिश करते हो कि यह अच्छा आतंकवाद है तो वहीं से परिभाषाएं गढ़ी जाती हैं, जबकि आप जानते हैं कि संबंधित व्यक्ति आतंकी गतिविधि में लगा हुआ है।
हक्कानी ने आतंकी हाफिज सईद मामले पर कहा कि हाफिज के खिलाफ इंटरनेशनल समुदाय ने सबूत पेश किये थे, अगर पाकिस्तान के पीएम को लगता है कि यह हाफिज के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं तो उन्हें इंटरनेशनल समुदाय से बात करनी चाहिए।