भारतीय सेना ने आतंकवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरूी कर दी है। समझौते में निर्धारित हथियारों और कैडरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए एसओओ शिविरों का औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है। सेना सूत्रों के मुताबिक मणिपुर में स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए, सुरक्षा बलों ने पूरे मणिपुर में सुरक्षा के दृष्टिकोण से फोकस बिंदुओं के रूप में एसओओ/एमओयू प्रावधानों के डी-शस्त्रीकरण और प्रवर्तन की पहचान की है।
हथियारों की जल्द बरामदगी के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए खुफिया सूत्रों को सक्रिय कर दिया गया है और इसके लिए टुकड़ियां तैयार कर लिया गया है। इसके लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है। समझौते में निर्धारित हथियारों और कैडरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए एसओओ शिविरों का औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि गृहमंत्री अमित शाह ने चार दिवसीय दौरे में एसओओ का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की बात कही थी। उसके बाद से सेना से इस पर विस्तृत योजना बनाकर कर औचक निरीक्षण करना शुरू कर दिया है।
मणिपुर में असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस में नोकझोंक
हिंसाग्रस्त मणिपुर में असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस के जवानों में गर्मागर्म बहस की खबर आई। सोशल मीडिया पर इसकी वीडियो वायरल होने के बाद शाम को मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने शुक्रवार देर शाम सभी से शांति बनाए रखने की अपील की। बताया जा रहा है कि यह विवाद गाड़ी को खड़ी करने को लेकर गलतफहमी के चलते हुई।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह सुगनू पुलिस स्टेशन के बाहर 37 असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस की एक टीम के बीच बहस छिड़ गई। यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे हुई। दोनों सुरक्षा बल के जवान आपस में तीखी-नोकझोंक करते नजर आए। बताया जा रहा है कि नोंकझोंक गाड़ी को खड़ी करने को लेकर गलतफहमी की बजह से हुई। बाद में मामला शांत हो गया। शाम को घटना की जानकारी के बाद मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की।