लद्दाख में रेजांग ला के पास चीनी सैनिक भारतीय सैनिकों के साथ आमने-सामने की स्थिति में हैं। इसके बावजूद दोनों देशों की सेनाओं के बीच संपर्क जारी है। भारतीय सेना के सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इससे पहले सोमवार रात को चीन ने पूर्वी लद्दाख में यथास्थिति को बदलने की कोशिश की थी।
मीडिया में आ रही तस्वीरों में रेजांग ला के पास चीन की सेना (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) के सैनिक हाथों में नुकीले रॉड लिए हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के बाद से तीन महीने से ज्यादा समय से चल रहे सीमा विवाद में भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है।
बता दें कि सोमवार की रात चीन ने भारतीय सैनिकों को उकसाने के लिए 10-15 राउंड हवाई फायरिंग भी की थी। इसके साथ ही उसने भारतीय सैनिकों पर सीमा पार करने का आरोप भी लगाया। चीन के इस झूठ पर भारतीय सेना ने मंगलवार को बयान जारी करते हुए कहा कि चीन की सेना उकसाने वाली हरकतें कर रही है।
रॉड और भालों के साथ आए थे करीब 50 चीनी सैनिक
सूत्रों के अनुसार सोमवार की शाम करीब छह बजे पीएलए के करीब 50 सैनिक आक्रामक तरीके से मुखपारी चोटी के पास भारतीय पोस्ट की ओर आए थे। चीनी सैनिकों की कोशिश मुखपारी चोटी और रेजांग ला इलाकों से भारतीय सैनिकों को हटाने की थी। चीनी सैनिकों के पास रॉड, भाले और धारदार हथियार थे।
भारतीय सेना ने कहा है कि हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहते हैं। हालांकि हम हर कीमत पर राष्ट्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए भी दृढ़ हैं। सेना ने कहा, 'चीन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। भारत ने किसी भी स्तर पर एलएसी पार नहीं की है।
भारत को उकसाने के लिए चीन ने की हवाई फायरिंग
सेना ने बयान में कहा, 'सात सितंबर को हुए तात्कालिक मामले में, चीन के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) सैनिकों ने एलएसी पर हमारी फॉरवर्ड पोजिशन के करीब पहुंचने की कोशिश की। भारतीय सैनिकों ने जब उन्हें वापस लौटने को कहा तो उन्होंने उकसाने के लिए हवा में 10 से 15 राउंड फायरिंग भी की।'
भारतीय सेना ने कहा, 'यह पीएलए है जो समझौतों का उल्लंघन कर रही है और आक्रामक युद्धाभ्यास कर रही है। जबकि सैन्य, राजनयिक और राजनीतिक स्तर पर सेना को पीछे हटाने के लिए बातचीत जारी है। गंभीर उकसावे के बावजूद, हमारे सैनिकों ने संयम बरता और परिपक्व व जिम्मेदार तरीके से व्यवहार किया।'