राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने भीड़ द्वारा लोगों की हत्या करने के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है। उन्होंने बिना किसी घटना का हवाला दिए सवाल उठाया कि क्या ऐसी घटनाओं के प्रति हम वाकई सतर्क हैं। राष्ट्रपति ने ये बात कांग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड के स्मृति संस्करण की लॉचिंग के मौके पर कही। इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ सोनिया गांधी ने नेशनल हेराल्ड के स्मृति संस्करण और वेबसाइट को लांच किया।
दिल्ली के जवाहर भवन में शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने अपने सम्बोधन में कहा कि देश में भीड़ के सड़कों पर उतरकर लोगों की हत्या करने की घटनाएं बढ़ रही हैं। हमें इस पर गंभीरता से विचार और जागरूक रहना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं देश के मूलभूत सिद्धांतों, संविधान की मर्यादा के खिलाफ हैं। इन्हें नहीं रोका गया तो हमारी आने वाली पीढ़ियां सवाल पूछेंगी। उन्होंने देश के नागरिकों, बुद्धिजीवियों और मीडिया का आह्वान किया हमें ऐसे लोगों को हतोत्साहित करने के लिए प्रतिरोधक का काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मीडिया की भूमिका अहम है और कभी समाप्त नहीं हो सकती है। उन्होंने याद दिलाया कि किस तरह से पंडित जवाहर लाल नेहरू ने नेशनल हेराल्ड निकालकर आजादी के लक्ष्य को हासिल किया।