सतिंदर लांबा के निधन पर पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी और पाकिस्तान के पूर्व राजनयिकों ने भी शोक जताया है। कसूरी ने कहा कि बैक चैनल डिप्लोमेसी के रूप में रखी गई लांबा की नींव आखिरकार एक दिन फलीभूत होगी।
भारत और पाकिस्तान के बीच 'बैक चैनल डिप्लोमेसी' के रणनीतिकार माने जाने वाले सतिंदर लांबा का गुरुवार को 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। साल 2005 से 2014 तक भारत और पाकिस्तान के बीच उन्होंने महत्वपूर्ण बैक चैनल राजनयिक वार्ता का नेतृत्व किया था। उनके निधन पर पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी और पाकिस्तान के पूर्व राजनयिकों ने भी शोक जताया है।
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कसूरी ने कहा कि बैक चैनल डिप्लोमेसी के रूप में रखी गई लांबा की नींव आखिरकार एक दिन फलीभूत होगी। बैक चैनल वार्ता में लांबा के पाकिस्तानी समकक्ष रहे रियाज मोहम्मद खान ने भी भारतीय राजनयिक को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अगर कभी पाकिस्तान और भारत के बीच संबंध मधुर हुए तो इसका श्रेय लांबा को भी जाएगा।
रियाद मोहम्मद खान ने कहा कि दोनों पक्ष कश्मीर के एक उपक्षेत्र के लिए स्वशासन के फॉर्मूले पर सहमत हुए थे। उन्होंने कहा कि 2008 के मुंबई आतंकी हमले से वार्ता में बाधा आई। हालांकि 2014 तक दोनों के बीच गुप्त प्रयास और संचार जारी रहा।
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वहीं पाकिस्तान के भारत में उच्चायुक्त रहे अब्दुल बासित ने कहा कि भारत में रहने के दौरान मैं उनसे कई बार मिला। पाकिस्तान के साथ उनके अच्छे संबंध थे क्योंकि उन्होंने यहां उप उच्चायुक्त और उच्चायुक्त के रूप में काम किया था और बैक चैनल कूटनीति में शामिल थे।