भारत इस वर्ष अपनी आजादी के 75 साल पूरे कर रहा है। मोदी सरकार ने इसके चलते साल भर से आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है। वहीं, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सरकार ने उच्च न्यायालयों में 11 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की है। जिसके बाद इस साल अब तक कुल 138 उच्च न्यायालय के जजों की नियुक्तियां की गईं हैं। इससे पहले साल 2016 में पूरे साल भर में उच्च न्यायालय में 126 जजों की नियुक्तियां की गईं थी। अब ये रिकॉर्ड टूट गया है।
कानून मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि इससे पहले 13 अगस्त को इलाहाबाद, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुवाहाटी, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के हाई कोर्ट में 26 न्यायधीशों की नियुक्ति की गई थी। इसके बाद आज यानी रविवार को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में 11 उच्च न्यायालय के न्यायधीशों की नियुक्ति की गई है।
13 अगस्त को इलाहाबाद हाईकोर्ट में लोअर ज्यूडिशियरी के नौ जजों की हाईकोर्ट के जज के रूप में नियुक्ति की गई है। इन नवनियुक्त नौ जजों में से पांच की नियुक्ति अपर न्यायाधीश के रूप में 2 वर्ष के लिए की गई है, जबकि चार जजों की नियुक्ति उनका कार्यकाल दो वर्ष से कम होने के कारण उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 62 वर्ष रिटायरमेंट होने की तारीख तक की गई है।
वहीं, हाल ही में भारत के चीफ जस्टिस एनवी रमना ने भी एक नया रिकार्ड बनाया है। दरअसल, वे उच्च न्यायालय में जजों की सबसे ज्यादा नियुक्तियां करने वाले देश के चीफ जस्टिस बन गए हैं। उन्होंने बतौर चीफ जस्टिस अपने कार्यकाल में 100 से ज्यादा जजों की नियुक्ति हाईकोर्ट में और पांच से ज्यादा नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट में की हैं।