राशन की दुकान (सांकेतिक तस्वीर)
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कोरोना के कहर के बीच देशभर में पाबंदी के कारण परेशानियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में आवेदन देकर करीब आठ करोड़ प्रवासी कामगारों को राशन दिलाने की गुहार लगाई गई है।
वकील प्रशांत भूषण के जरिये दायर आवेदन में एक्टिविस्ट अंजलि भारद्वाज, हर्ष मंदर और जगदीप खोखर ने कहा है कि गत वर्ष के लॉकडाउन के कारण प्रवासियों की परेशानी लगभग पूरे वर्ष जारी रही। प्रवासी कामगार इससे उबर भी नहीं पाए थे कि कोरोना की दूसरे लहर ने फिर से उन्हें मुसीबत में डाल दिया।
याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार को इन जरूरतमंदों को फिर से मुफ्त सूखा राशन और नकद देने का निर्देश दिया जाए। साथ ही आपदा प्रबंधन कानून लागू रहने तक लोगों को कोविड राशन कार्ड जारी किए जाएं। प्रवासियों के लिए औद्योगिक क्षेत्र, रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर बना बनाया भोजन मुहैया कराने की व्यवस्था भी की जाए।