अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मसले के निपटारे से पहले लोगों व संगठनों को इससे संबंधित अपना नजरिया देने से रोकने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी। याचिकाकर्ता का कहना था कि इस मामले को लेकर लोगों व संगठनों द्वारा दिए नजरिए या विचार से माहौल खराब होने का खतरा है।
अयोध्या मामले पर लोगों को अपना नजरिया देने पर रोक की मांग वाली याचिका खारिज
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने याचिकाकर्ता बंकिम के कुलश्रेष्ठ से पूछा कि क्या आपने प्रार्थनाएं पढ़ी हैं। आप चाहते हैं कि राम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद भूमि विवाद के निपटारे से पहले लोग अच्छी तरह पेश आए। पीठ ने याचिका में मेरिट का अभाव बताते हुए खारिज कर दिया।
याचिका में गुहार की गई थी कि जब तक इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता तब तक संगठन व लोगों को इस बारे में अपना मत व्यक्त करने से रोका जाए। याचिका में इस संबंध में गृह मंत्रालय को निर्देश देने की गुहार की गई थी। मालूम हो कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की सुनवाई के लिए पीठ व तारीख जनवरी महीने में तय होनी है।