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'आज बिटिया मंत्री बनी है, कल यूपी की मुख्यमंत्री बनेगी'

Wed, 06 Jul 2016 01:17 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बरेली
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anupriya patel - फोटो : Tweeted by @RashtrapatiBhvn
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अपना दल की अनुप्रिया पटेल के मोदी सरकार में राज्यमंत्री बनने पर बरेली स्थित सुभाषनगर की ‘विशंभर बिल्डिंग’में मंगलवार को पूरे दिन जश्न का माहौल रहा। यहां अनुप्रिया की ननिहाल है, जहां उनकी मां कृष्णा पटेल पली-बढ़ीं। अनुप्रिया भी मां के साथ जब-जब ननिहाल आईं, यहीं रुकीं। मामा श्याम पटेल ने अपने आवास पर आने वालों की बधाई स्वीकार की और मिठाई बांटी। उनकी प्रतिक्रिया थी- ‘मुन्ना बिटिया’ (ननिहाल में प्यार से अनुप्रिया को इसी नाम से पुकारा जाता है) आज मंत्री बनी है, कल यूपी की मुख्यमंत्री भी बनेगी।
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उन्होंने पांच-छह साल की एक बच्ची का ब्लैक एंड व्हाइट फोटो दिखाते हुए कहा कि देखिए बचपन में मुन्ना बिटिया ऐसी लगती थी। बताने लगे कि विधानसभा चुनाव से पहले बरेली के जिला पंचायत सभागार में हुए अपना दल के जिला सम्मेलन में अनुप्रिया आई थीं तो यहां घर पर भी रुकी थीं। ननिहाल के सभी लोगों से मिलकर वह बहुत खुश थीं। यहां उनका फोन आता रहता है और हालचाल लेती रहती हैं।

अनुप्रिया के ममेरे भाई सुशील पटेल ने कहा कि दो जुलाई को अनुप्रिया ने फूफा जी (सोनेलाल पटेल) का जन्मदिन भाजपा के मंच पर अमित शाह की मौजूदगी में मनाया था, तभी से केंद्र में उनका मंत्री बनना तय हो गया था। श्याम पटेल ने तीन महीने पहले मार्च माह में गाजियाबाद में हुए अपने बेटे की इंगेजमेंट प्रोग्राम के फोटो भी दिखाए, जिसमें अनुप्रिया, उनकी मां कृष्णा पटेल और बहन पल्लवी मौजूद थीं। सुशील पटेल के लॉ कर रहे बेटे संकल्प पटेल ने कहा कि बुआजी मंत्री बन गईं, इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है।
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'अपना दल का भाजपा में विलय गलत होगा'

अनुप्रिया पटेल - फोटो : mirzapur
अपना दल को लेकर अनुप्रिया और उनकी मां कृष्णा पटेल में चल रहे विवाद से ननिहाल भी अलग नहीं है। अनुप्रिया के मामा श्याम पटेल ने भांजी के केंद्रीय मंत्री बनने पर तो खुशी जाहिर की और आगे भी उनकी सफलता की कामना की लेकिन अपना दल के विवाद में वह अपनी बहन कृष्णा पटेल का समर्थन करते हैं।

श्याम पटेल का कहना है कि अगर अनुप्रिया अपना दल का भाजपा में विलय की बात करती हैं तो यह उचित नहीं होगा। उनकी नजर में यह विलय अपना दल का नहीं बल्कि अनुप्रिया का माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहनोई सोनेलाल पटेल के निधन के बाद बहिन को ही अपना दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया इसलिए उनके नेतृत्व में दल आगे बढ़ता तो ठीक था क्योंकि बहन ने अपने पति के साथ इसको खड़ा करने में बड़ा योगदान दिया लेकिन अनुप्रिया ने जिस तरह से शादी के बाद अपने वर्चस्व के लिए मां को दरकिनार करने की कोशिश की, वह ठीक नहीं है।

श्याम पटेल ने कहा कि ननिहाल पक्ष के होने के नाते हमने विवाद खत्म कराने की कोशिश भी की। दोनों को समझाया कि परिवार में सियासी विवाद ठीक नहीं। अनुप्रिया के पति आशीष पटेल से भी बात की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
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