प्रसिद्ध अभिनेता और अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले अनुपम खेर ने अपने ट्विटर पर एक बार फिर कश्मीरी पंडितों का दर्द साझा किया है। उन्होंने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि वह कुछ लोगों की याददाश्त ताजा करने के लिए कश्मीरी पंडितों के दर्द का ब्यौरा एक बार फिर से साझा कर रहे हैं।
उन्होंने लिखा कि आपके बहरे या गूंगे होने से सच्चाई बहरी या गूंगी नहीं हो जाती। आपको बता दें कि इससे पहले भी
कश्मीरी पंडितों के मुद्दे पर अनुपम खेर सार्वजनिक मंचों से आवाज उठाते रहे हैं। उनके इस ट्वीट के बाद लोगों ने सैकड़ों की तादाद में प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर कुणाल सिंह ने लिखा कि ‘माना राम मंदिर का मामला कोर्ट में है लेकिन कश्मीरी पंडितों का मामला सरकार के पास है , फिर भी आप चुप हैं, ये वादा भी एक जुमला ही था’।
वहीं ट्विटर यूजर विनोद गोदारा ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि आप मोदी जी के भक्त है ना, तो बताइये मोदी सरकार ने क्या किया? इस तरह की बहुत सी तीखी प्रतिक्रियाएं उनके ट्विटर पोस्ट के जवाब में आईं। गौरतलब है कि अनुपम खेर खुद भी एक कश्मीरी पंडित हैं। वह कश्मीरी पंडितों के विस्थापन पर पहले भी अपना दर्द बयां करते रहे हैं। जनवरी 2017 में विस्थापन के 27 साल होने के मौके पर उन्होंने एक कविता के जरिए अपनी बात रखी थी।
खेर ने ‘फैलेगा-फैलेगा हमारा मौन’ नाम से कविता साझा की थी। उन्होंने कहा था, ‘फैलेगा-फैलेगा हमारा मौन। समुद्र के पानी में नमक की तरह। नसों में दौड़ते रक्त में घुलता हुआ पहुंचेगा दिल की धड़कनों के बहुत समीप। हमारे मौन के धमाके से बड़ा उस वक्त का कोई धमाका नहीं होगा।’