भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने बुधवार को कहा कि गिरफ्तार टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल को अगले साल पंचायत चुनाव तक सलाखों के पीछे होना चाहिए, क्योंकि राजनीतिक परिदृश्य में अगर उनकी वापसी होगी तो उस दौरान खूनखराबा होगा। घोष की इस टिप्पणी पर टीएमसी ने पलटवार किया।
टीएमसी ने कहा कि ये बयान सिर्फ यह साबित करता है कि बांग्लादेश में मवेशियों की तस्करी के आरोप में सीबीआई द्वारा मंडल की गिरफ्तारी अहम पंचायत चुनावों से बाहर रखने के लिए भाजपा की राजनीतिक खेल की योजना का हिस्सा थी।
साल 2024 में लोकसभा चुनाव होने हैं। उससे पहले बंगाल में पंचायत चुनाव होंगे। इसलिए इन पंचायत चुनावों को आगामी आम चुनावों के लिए आखिरी लिटमस टेस्ट के रूप में देखा जाएगा।
घोष ने यहां संवाददाताओं से कहा, यह जरूरी है कि शांतिपूर्ण पंचायत चुनावों के लिए अनुब्रत मंडल अगले साल चुनाव तक सलाखों के पीछे रहें। उनकी रिहाई से पंचायत चुनाव के दौरान सिर्फ रक्तपात होगा। पंचायत चुनाव में केंद्रीय बलों की मौजूदगी होनी चाहिए।
टीएमसी के बीरभूम के जिलाध्यक्ष अनुब्रत मंडल को इसी साल अगस्त में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। 2015 से 2021 तक प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रहे घोष ने कहा, हमने देखा है कि टीएमसी द्वारा 2018 के पंचायत चुनावों में जिस तरह की हिंसा की गई थी। अगर राज्य पुलिस के तहत चुनाव होते हैं, तो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते।
वहीं टीएमसी ने पलटवार करते हुए कहा, यह साबित करता है कि मंडल को पंचायत चुनावों से दूर रखने की भाजपा की रणनीति के तहत गिरफ्तार किया गया था। टीएमसी के उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार ने कहा, बिल्ली अब बैग से बाहर आ गई है। इससे साबित होता है कि सीबीआई ने मंडल को पंचायत चुनावों से दूर रखने के लिए भाजपा के निर्देश पर गिरफ्तार किया था। अगर आने वाले पंचायत चुनाव में भाजपा की यही रणनीति है, तो उन्हें पूरे टीएमसी नेतृत्व को सलाखों के पीछे डाल देना चाहिए, क्योंकि इसके बिना वे इसे (पंचायत) नहीं जीत पाएं।
2018 में टीएमसी ने बीरभूम में पंचायत चुनाव निर्विरोध जीता था। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि उन्हें नामांकन दाखिल करने की अनुमति नहीं दी गई थी। 2013 के पंचायत चुनाव केंद्रीय बलों की राज्य के मतदान केंद्र पर तैनाती की गई थी। तब टीएमसी ने अस्सी फीसदी से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल की थी।
टीएमसी नेता की हत्या का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता भादु शेख की हत्या के सात महीने बाद सीबीआई ने मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार रात को बोगटुई गांव में एक ठिकाने से फरार आरोपी को गिरफ्तार किया, जहां यह घटना हुई थी।
उन्होंने कहा कि घटना की रात भादू शेख पर बम फेंकते देखा गया यह व्यक्ति हत्याओं के बाद से गिरफ्तारी से बच रहा था। आरोपी को रामपुरहाट की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। इससे पहले सीबीआई ने 21 मार्च की रात को हुए नरसंहार में कथित संलिप्तता के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया था।