महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि एनआईए और महाराष्ट्र एटीएस एंटीलिया मामले से जुड़े सजिन वाजे केस की बहुत ही पेशेवर ढंग से जांच कर रही हैं। मुंबई पुलिस के आयुक्त परमबीर सिंह को इसलिए पद से हटाया गया है कि जांच एजेंसियां बगैर अड़चन के पड़ताल कर सकें। बता दें, परमबीर को अचानक हटाए जाने को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर सवाल उठ रहे थे। इसे लेकर देशमुख ने यह सफाई दी है।
इस बीच महाराष्ट्र पुलिस महकमे में तबादलों को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। महाराष्ट्र सिक्योरिटी कॉरपोरेशन के नए डीजी संजय पांडे ने अपने और अन्य आईपीएस अधिकारियों के तबादले पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गृह मंत्री अनिल देशमुख को पत्र लिखा। उन्होंने कहा, "मेरे साथ ज्यादती हुई। इसलिए मैंने सरकार के सामने अपना मुद्दा रखा। मेरे साथ जो हुआ वह क़ानून के हिसाब से नहीं हुआ।" बता दें पांडे की जगह परमबीर सिंह को डीजी होमगार्ड्स बनाया गया है। पांडे पहले डीजी होमगार्ड्स थे और उनके पास महाराष्ट्र राज्य सिक्योरिटी कार्पोरेशन का अतिरिक्त प्रभार था।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को एनआईए ने कहा था कि एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से लदी मिली स्कॉर्पियो के मामले में सचिन वाजे नहीं, बल्कि कोई अन्य व्यक्ति इस पूरी साजिश का असली आका है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जुड़े एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि पूरा मामला हल किया जा चुका है। वाजे एक अन्य ‘खिलाड़ी’ से निर्देश लेता था। जल्द ही पूरी साजिश का सार्वजनिक खुलासा कर दिया जाएगा। माना जा रहा है कि एनआईए के इस दावे के बाद ही मुंबई के पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह के तबादले की पूरी पटकथा लिखी गई। जांच से जुड़े लोगों के मुताबिक, 13 मार्च को गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सचिन वाजे ने एनआईए अधिकारियों से कहा था कि वह इस पूरे मामले में अपनी पुरानी प्रसिद्धि और नाम हासिल करने के लिए किसी दूसरे के कहने पर जुड़ा था।