देशमुख ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और महाराष्ट्र आतंकरोधी दस्ता (एटीएस) दोनो प्रकरण की जांच कर रही है। राज्य सरकार का पूरा समर्थन है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस्तीफे के सवाल को उन्होंने टाल दिया।
पुणे से एनआईए के मुंबई ऑफिस पहुंची फॉरेंसिक टीम
इस बीच, पुणे की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) से छह सदस्यीय टीम शुक्रवार को मुंबई स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के दफ्तर पहुंची। हालांकि, टीम के यहां आने की वजह पता नहीं चल पाई है।
एफएसएल की मुंबई स्थित कलीना शाखा पहले ही स्कॉर्पियो की जांच कर रही है। एनआईए ने अब तक पांच वाहनों- स्कॉर्पियो, एक इनोवा, दो मर्सिडीज कारों और एक टोयोटा लैंड क्रूजर प्राडो को जब्त किया है।
मनसुख हिरेन मौत मामले में 25 के बयान दर्ज, डाएटम्स रिपोर्ट पॉजिटिव
उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटकों से लदी कार के मालिक मनसुख हिरेन की मौत के मामले में महाराष्ट्र आतंकरोधी दस्ते (एटीएस) ने 25 लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
एटीएस से जुडे़ एक अधिकारी ने बताया कि ग्रांट गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज द्वारा की गई डाएटम्स जांच की रिपोर्ट एटीएस को मिली है, जिसमें इस बात की तरफ इशारा किया गया है कि पानी में फेंके जाने के पहले तक मृत व्यवसायी मनसुख हिरेन जिंदा थे।
अब इसकी पुष्टि के लिए एटीएस ने इस रिपोर्ट को फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) मधुबन, हरियाणा भेजा है। एटीएस अधिकारी ने ये भी पुष्टि की कि मृत व्यवसायी मनसुख हिरेन की डाएटम्स रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।
एटीएस अधिकारियों के अनुसार जीएमसी में किया गया डायटम परीक्षण सकारात्मक है। एटीएस मामले की केवल हत्या के रूप में जांच कर रही है। डूबने से हुई मौत के मामलों में डाएटम्स परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाता है। डाएटम्स एक तरह के शैवाल हैं, जो पानी में होते हैं और डूबने वाले के शरीर में पाए जाते हैं। इसी के आधार पर मरने वाले की जांच की जाती है।
सत्ताधारी दल शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह का बचाव करते हुए कहा, परमबीर सिंह को बदल दिया गया इसका मतलब वो गुनहगार सिद्ध नहीं होते। मुंबई पुलिस आयुक्त पद की कमान उन्होंने अत्यंत कठिन समय में संभाली थी।
सामना में आरोप लगाया गया है कि टीआरपी घोटाले की फाइल उन्हीं के समय में खोली गई, जिस वजह से परमबीर सिंह पर दिल्ली की एक विशिष्ट लॉबी गुस्से में थी। वहीं, संपादकीय में एनआईए जांच पर भी सवाल उठाया गया है।
इसमें कहा गया है कि जिलेटिन की छड़ों की जांच करने वाली एनआइए ने उरी, पठानकोट और पुलवामा हमले को लेकर क्या जांच की और उसका क्या नतीजा निकला और कितने गुनहगारों को हिरासत में लिया गया।