कोरोना संक्रमण से जूझ रही देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से सकारात्मक खबर आई है। बीएमसी ने मुंबई में तीसरा सीरो सर्वे कराया है जिसमें 36.50 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी विकसित हुई है। सीरो सर्वे में कुल 10,197 लोगों की जांच की गई जिससे पता चला है कि पुरुषों में 35.02 फीसदी और महिलाओं में 37.12 फीसदी एंटीबॉडी पाई गई है।
पिछले साल देश में कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद मुंबई सबसे ज्यादा प्रभावित था। बीएमसी जुलाई 2020 में पहला और अगस्त 2020 में दूसरा सीरो सर्वे कराया था। इसके बाद मार्च 2021 बीएमसी के सभी 24 वार्डों में तीसरा सीरो सर्वे कराया गया है।
बीएमसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस बार उन लोगों का सीरो सर्वे किया गया जिन्होंने अभी तक कोरोनारोधी टीका नहीं लगवाया है।
इस सर्वे में झुग्गी बस्तियों में 41.6 फीसदी एंटीबॉडी मिली है जबकि जुलाई में हुए पहले सर्वे में इन बस्तियों में 57 फीसदी और अगस्त में हुए दूसरे सीरो सर्वे में 45 फीसदी एंटीबॉडी पाई गई थी। वहीं, तीसरे सीरो सर्वे से पता चलता है कि बिल्डिगों में रहने वालों की तुलना में झुग्गी बस्तियों में रहने वाले 41 फीसदी लोगों को कोरोना संक्रमण हुआ और उन्हें पता भी नहीं चला।
बिल्डिगों में रहने वालों की रोग प्रतिकार क्षमता बढ़ी
कोरोना की दूसरी लहर में मुंबई में 90 फीसदी कोरोना संक्रमित हाउसिंग सोसायटियों में मिल रहे हैं। तीसरे सीरो सर्वे में बिल्डिगों में रहने वालों में 28.5 फीसदी एंटीबॉडी पाई गई है।
इमारतों में रहने वाले लोगों में हुए पहले सर्वे में 28 फीसदी और दूसरे सर्वे में 18 फीसदी एंटीबॉडी का स्वरूप सामने आया था। इससे पता चलता है कि पिछले सर्वे की तुलना में इस बार हाउसिंग सोसायटियों में रहने वालों लोगों की रोग प्रतिकारक क्षमता में वृद्धि हुई है।