INS Anjadip: यह जहाज कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया है। कंपनी ऐसे आठ पनडुब्बी रोधी युद्धपोत बना रही है जिनमें से अंजदीप तीसरा है। इसे विशेष रूप से तटीय और कम गहरे पानी वाले क्षेत्रों में ऑपरेशनों के लिए तैयार किया गया है।
भारतीय नौसेना को एक और पनडुब्बी रोधी युद्धपोत अंजदीप मिलने जा रहा है। उथले पानी में काम करने की क्षमता वाले आठ पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों की श्रृंखला का यह तीसरा युद्धपोत 27 फरवरी को चेन्नई में नौसेना में शामिल किया जाएगा। इस समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी भी शामिल होंगे। यह जहाज कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया है।
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कंपनी ऐसे आठ पनडुब्बी रोधी युद्धपोत बना रही है जिनमें से अंजदीप तीसरा है। इसे विशेष रूप से तटीय और कम गहरे पानी वाले क्षेत्रों में ऑपरेशनों के लिए तैयार किया गया है। अंजदीप नौसेना के इसी नाम वाले पुराने युद्धपोत का नया अवतार है। पुराना युद्धपोत 2003 में रिटायर हो गया था।
अंजदीप नाम कर्नाटक के कारवार तट के पास स्थित अंजदीप द्वीप के नाम पर रखा गया है। यह युद्धपोत 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ बना है। इससे देश की रक्षा निर्माण क्षमता को बल मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी।