भाजपा विधायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि दलबदल कानून लागू कराने के लिए वे मुकुल रॉय के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट जाएंगे। इसके जवाब में हाल में ही भाजपा छोड़कर वापस टीएमसी में आए मुकुल रॉय ने जवाबी हमला करते हुए कहा कि हाईकोर्ट क्यों, उन्हें जहां जाना है जाएं।
मुकुल रॉय की सदस्यता अयोग्य घोषित करने की मांग कर रहे सुवेंदु अधिकारी
सुवेंदु अधिकारी ने 18 जून को विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी को एक अर्जी सौंपकर दलबदल विरोधी कानून के तहत सदन में मुकुल रॉय को सदन की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की थी। इसी मुद्दे पर आज उनकी स्पीकर बिमान बनर्जी से मुलाकात हुई। सुवेंदु, मुकुल रॉय के विधायक पद से इस्तीफा देने की मांग कर रहे थे।
शुक्रवार को स्पीकर से मिलकर आने के बाद मीडिया से बातचीत में शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'स्पीकर ने मुझे दलबदल विरोधी कानून लागू करने के लिए मुकुल रॉय के खिलाफ याचिकाकर्ता के रूप में बुलाया था। उन्होंने हमें अगली सुनवाई के लिए 30 जुलाई को बुलाया है. हम यहां दलबदल विरोधी कानून लागू करने की मांग को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट जाएंगे।
इससे पहले
मुकुल रॉय के पीएसी का अध्यक्ष बनाए जाने का भी किया विरोध
इससे पहले 14 जुलाई को सुवेंदु अधिकारी ने विधायक मुकुल रॉय को लोक लेखा समिति (पीएसी) का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने को लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात की थी। अधिकारी ने तर्क दिया कि मुकुल रॉय भाजपा के टिकट पर चुनाव जीत कर विधायक बने और अब टीएमसी में चले गए हैं। इसलिए उन्हें पीएसी का अध्यक्ष बनाना नियुक्ति के नियमों का उल्लंघन है क्योंकि यह पद विपक्षी दल का कोई नेता हासिल कर सकता है।