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Karnataka: कर्नाटक विधानसभा में धर्मांतरण विरोधी विधेयक पास, कांग्रेस ने किया वॉकआउट

Wed, 21 Sep 2022 06:03 PM IST
Jeet Kumar पीटीआई, बेंगलुरु

सार

कांग्रेस नेता यू टी खादर ने कहा इस विधेयक का इरादा सही नहीं है, यह राजनीति से प्रेरित, अवैध और असंवैधानिक है। इसे अदालतों में चुनौती दी जाएगी।
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बसवराज बोम्मई - फोटो : Social Media
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विस्तार
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कर्नाटक विधानसभा में धर्मांतरण विरोधी विधेयक बुधवार को पास हो गया। हालांकि विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इसका विरोध किया और सदन से वॉकआउट कर दिया। इससे पहले 15 सितंबर को कर्नाटक विधान परिषद में धर्मांतरण विरोधी विधेयक पास हो गया। 

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कर्नाटक के गृहमंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने बुधवार को विधानसभा में ‘धर्म की स्वतंत्रता के अधिकारों का कर्नाटक संरक्षण विधेयक 2022’ को पारित करने के लिए पेश किया। इससे पहले विधेयक को पिछले हफ्ते विधान परिषद ने मामूली संशोधन के साथ पास किया था। वहीं राज्यपाल की सहमति के बाद, कानून 17 मई, 2022 से प्रभावी होगा, जिस तारीख को अध्यादेश जारी किया गया था।

कांग्रेस नेता बोले- विधेयक राजनीति से प्रेरित
विधानसभा में कांग्रेस नेता यू टी खादर ने कहा कि हर कोई जबरन धर्मांतरण का विरोध करता है, उन्होंने कहा कि इस विधेयक का इरादा सही नहीं है, यह राजनीति से प्रेरित, अवैध और असंवैधानिक है। इसे अदालतों में चुनौती दी जाएगी और अदालतें स्टे दे सकती हैं या इसे खत्म कर सकती हैं।
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कांग्रेस विधायक शिवानंद पाटिल ने कहा कि इस बिल से दुरुपयोग होने की पूरी संभावना है और इससे उत्पीड़न भी हो सकता है। विधेयक का बचाव करते हुए गृहमंत्री ज्ञानेंद्र ने कहा कि विधेयक में दुरुपयोग या भ्रम की कोई गुंजाइश नहीं है और यह किसी भी तरह से धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि विधि आयोग द्वारा ऐसे विभिन्न कानूनों का अध्ययन करने के बाद धर्मांतरण विरोधी विधेयक लाया गया।

ईसाई समुदाय के लोगों ने किया था विरोध
दिसंबर में विधानसभा में विधेयक के पारित होने के दौरान, ज्ञानेंद्र ने कहा था कि आठ राज्य इस तरह के कानून को पारित कर चुके हैं या लागू कर रहे हैं, और कर्नाटक नौवां बन जाएगा। वहीं इस बिल का विरोध ईसाई समुदाय के लोगों ने भी किया था। दिसंबर में इसके विरोध में सामूहिक रैली भी देखने को मिली थी। 

इस बिल में कहा गया है अगर कोई कपटपूर्ण माध्यम से एक धर्म से दूसरे धर्म में गैरकानूनी तरीके से धर्मपरिवर्तन कराता है तो इसमें 25,000 रुपये के जुर्माने के साथ तीन से पांच साल की कैद का प्रस्ताव है। साथ ही अपराधियों को तीन से दस साल की कैद और 50,000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ेगा।

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