असम के पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह
- फोटो : असम सरकार/आधिकारिक वेबसाइट
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर असम में कुछ समूह विरोध प्रदर्शन पर उतर आए हैं। इसको लेकर पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने बुधवार को लोगों से सड़क पर हिंसा न करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इसके बजाय शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीकों से मुद्दों को हल किया जाए तो बेहतर होगा। बता दें कि नागरिकता संशोधन अधिनियम या सीएए का विरोध करने वाले विभिन्न संगठनों के कारण पूरे असम में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
दरअसल, क्षेत्र के आठ राज्यों के प्रमुख छात्र संघों के शीर्ष निकाय नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (एनईएसओ) ने बुधवार को सीएए के नियमों की प्रतियां जलाईं और कानून को तत्काल रद्द करने की मांग की, जबकि एएएसयू(आसू) ने सभी जिला मुख्यालयों में सत्याग्रह किया। गौरतलब है कि राज्य में 2019 में इस कानून के खिलाफ हिंसक आंदोलन हुआ था, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी।
डीजीपी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, '31 जनवरी 2023 से असम सरकार द्वारा प्रतिष्ठित असम पुलिस का नेतृत्व करने का अवसर दिए जाने के बाद, मैं प्रत्येक पुलिसकर्मी के सभी वास्तविक कार्यों के लिए जिम्मेदार और जवाबदेह बना हुआ हूं।'
जीपी सिंह ने कहा कि इस कार्यकाल के दौरान असम के लोगों को सर्वोत्तम संभव पुलिसिंग अनुभव प्रदान करने के प्रयास में हर दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार नियंत्रित किया जाएगा। मजबूत नेतृत्व में, असम पुलिस टीम माहौल को शांतिपूर्ण रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
ज्ञात हो कि असम पुलिस ने विपक्षी दलों को सीएए के कार्यान्वयन के खिलाफ मंगलवार को 12 घंटे के बंद को वापस लेने का आदेश" देने के लिए नोटिस जारी किया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।