लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में राजनीतिक हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में उत्तर 24-परगना जिले के बशीरहाट इलाके के बाजितपुर में एक भाजपा कार्यकर्ता का शव मिला है। बादुड़िया के रहने वाले खुदरा व्यापारी अजय मंडल (36) शनिवार शाम से ही लापता थे। रविवार को बाजितपुर में सड़क किनारे बनी एक नहर से उनका शव क्षत-विक्षत हालत में बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि मंडल के शरीर पर घावों के कई निशान थे।
सूत्रों के अनुसार मंडल ने लोकसभा चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस से नाता तोड़ कर भाजपा का दामन थामा था। विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक निर्मल घोष ने मंडल के तृणमूल समर्थक होने का दावा करते हुए कहा कि उसकी हत्या से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। उधर, हुगली जिले में कथित तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने भाजपा के एक विजय जुलूस पर देसी बम फेंका। हालांकि इसमें कोई घायल नहीं हुआ। भाजपा ने इसके लिए मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है।
तृणमूल कार्यकर्ता को गोली मारी :
दक्षिण दिनाजपुर में हिंसा के एक अन्य मामले में कथित भाजपा समर्थकों ने तृणमूल कार्यकर्ता अमन राय (45) को गोली मार कर घायल कर दिया। सूत्रों के अनुसार हमलावर जय श्रीराम का नारा लगाते हुए राय के भाई के घर पर तोड़-फोड़ कर रहे थे। अमन ने उनको रोकने का प्रयास किया तो उसे गोली मार दी गई। हुगली जिले के रायपुर में कथित भाजपा समर्थकों ने तृणमूल कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं की पिटाई कर दी। वहीं उत्तर 24-परगना जिले के सोदपुर में तृणमूल कार्यकर्ता के घर में तोड़-फोड़ की गई। हावड़ा जिले के उदयनारायणपुर में कथित भाजपा समर्थकों ने रैली के दौरान तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यालय में तोड़-फोड़ की।