राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक शुरू हो गई है, ये बैठक शुक्रवार और शनिवार दो दिन तक चलेगी। यह बैठक बंगलूरू के चेन्नहल्ली स्थित जनसेवा विद्या केंद्र में आयोजित की गई है। इस बैठक में प्रतिनिधि सभा में पारित होने वाले सभी प्रस्तावों पर चर्चा होने वाली है और इसके अलावा पिछले एक साल में सभी प्रांतों में किए गए कार्यों पर चर्चा होगी।
आरएसएस के इतिहास में यह बैठक पहली बार नागपुर के बाहर हो रही है और इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि 20 मार्च को नंबर दो यानी सरकार्यवाह का भी चुनाव होना है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार भी सरकार्यवाहक भैय्याजी जोशी रहेंगे या उनकी जगह कोई लेगा।
इस बार बैठक में 500 के करीब संघ के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं, जबकि आमतौर पर 1,500 के करीब लोग शामिल होते हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार संख्या कम कर दी गई है। सर संघचालक मोहन भागवत इस बैठक को संबोधित करेंगे।इस बैठक में मोहन भागवत के अलावा भैय्याजी जोशी, दत्तात्रेय होसबोले, मनमोहन वैद्य, डॉक्टर कृष्ण गोपाल जैसे सभी बड़े पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।
कोरोना की वजह से प्रतिनिधि सभा के लिए लोगों की संख्या को कम करते हुए इस बार भाजपा के प्रतिनिधि को सभा में नहीं बुलाया गया है। बता दें कि पिछले 12 सालों से सरकार्यवाह (महासचिव) की जिम्मेदारी भैय्याजी जोशी संभाल रहे हैं। इस बार ऐसा माना जा रहा है कि भैय्याजी जोशी को इस पद से मुक्त कर दूसरी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
साल 2009 में भैय्याजी जोशी पहली बार सरकार्यवाह चुने गए थे लेकिन 2018 में ही उन्होंने इस पद से खुद को मुक्त करने का अनुरोध किया था। संघ में हर तीन साल में सरकार्यवाह पद के लिए चुनाव किया जाता है। ये पद संघ में कार्यकारी पद होता है, जबकि सरसंघचालक का पद मार्गदर्शक का होता है।
प्रतिनिधि सभा की बैठक का एजेंडा
इस बैठक में राम मंदिर निर्माण को लेकर अब तक हुए कार्य की समीक्षा की जाएगी। राम मंदिर के चर्चा से लेकर अब तक इस अभियान से कितने लोग जुड़े हैं, इस पर विस्तार से चर्चा होगी। संघ के प्रतिनिधि पिछले एक साल की गतिविधियों का ब्यौरा देंगे। कोरोना के दौरान संघ की भूमिका, शाखाओं पर क्या असर पड़ा और भविष्य में इसके लिए क्या योजना बनाई जाए, इस पर विस्तार से चर्चा होगी।