रामलीला मैदान में सक्षम किसान, सशक्त लोकपाल और चुनाव सुधार की मांग को लेकर
अन्ना हजारे के सत्याग्रह का आज तीसरा दिन था। रविवार को अन्ना से साथ 27 किसान समर्थक भी अनशन में शामिल हुए। इस दौरान अन्ना ने केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद किया। साथ ही प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। रामनवमी पर अन्ना ने कहा कि मोदी राम के भक्त हैं, लेकिन वह उनका अनुसरण नहीं करते। उन्होंने कहा कि आप राम भक्त हैं तो उनके मार्ग पर चल कर दिखाएं ना कि देश की जनता को कोरे आश्वासन दें। राम ने सबको सिखाया कि भाईयों का प्यार क्या होता।
माता-पिता का रिश्ता क्या होता है। सात ही पति पत्नी का रिश्ता कैसा होता है। आज सभी राजनेता राम को मानते हैं। लेकिन प्राण जाए पर वचन न जाए के कथन पर कोई अमल नहीं करता। सत्ता में आने से पहले नरेंद्र मोदी ने जनता से जो वादे किए उसे चार साल तक पूरा नहीं किया। वहीं, अन्ना का स्वास्थ्य भी रविवार को प्रभावित दर्ज किया गया। उधर, आंदोलन के तीसरे दिन भी सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक संदेश नहीं पहुंचा।
हिरासत में अन्ना के समर्थक
वहीं, रविवार देर शाम अन्ना के समर्थकों ने बिना अनुमति इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने लोगों से बातचीत करने की कोशिश की। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को वहां से भगा दिया। साथ ही चार लोगों को हिरासत में ले लिया। इनकी पहचान उत्तराखंड निवासी सुनील भट्ट (50), दीपक सिंह नोएडा, राधेश्याम सोनी फतेहाबाद, हरियाणा, और सौरभ लहरी, कोलकाता के रूप में हुई है। उधर, रामलीला मैदान में जानकारी पहुंचने के बाद अन्य अन्ना समर्थक तिलक नगर थाने पहुंचे। जहां देर रात तक पुलिस से इनकी बातचीत जारी रही।
मैं मरूंगा नहीं, देश के लिए जीवित रहूंगा
अन्ना हजारे
वाहनों को पुलिस द्वारा रोके जाने पर पैदल ही साथियों संग रामलीला मैदान पहुंचे पंजाब के किसान जगजीत सिंह ने जब आपबीती सुनाई तो अन्ना बोले कि सरकार ये ना सोचे कि मैं मर जाऊंगा, मैं अभी नहीं मरूंगा। हर समर्थक के लिए आखिरी सांस तक लड़ता रहूंगा। सरकार किसानों को कितना भी रोके, लेकिन जनता की ताकत को ज्यादा देर तक नहीं रोक पाएगी।
काला धन नहीं आया सफेद बाहर चला गया
किसानों को संबोधित करते हुए अन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने से पहले जनता से वादा किया था कि 30 दिनों में काला धन भारत वापस लाएंगे। लेकिन सरकार चार साल बाद भी कुछ नहीं ला सकी। अन्ना ने कटाक्ष करते हुए कहा कि काला धन तो भारत में आया नहीं बल्कि इस सरकार के रहते भ्रष्टाचारी सफेद धन लेकर बाहर भाग गए। ऐसे में जनता सरकार पर कैसे भरोसा करे।
ठंडे बस्ते में गई स्वामीनाथन रिपोर्ट
प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए अन्ना ने कहा कि मोदी ने जनता से वादा किया था कि सत्ता में आते ही स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करेंगे। लेकिन आज तक उस रिपोर्ट को लागू नहीं किया।
किसानों को डेढ़ गुना देने का वादा भी झूठा
किसानों के खर्च के एवज में उचित मूल्य मिलने की बात पर अन्ना ने कहा कि सरकार ने किसानों को खर्च से डेढ़ गुना ज्यादा मूल्य देने ता वादा किया था। लेकिन आज तक किसी किसान को लाभ नहीं दिया गया। सरकार हर मोड़ पर किसानों से धोखा करती आई है।
भाजपा के राज में बढ़ा भ्रष्टाचार
Anna Hazare Ramlila Protest
सरकार बनाने से पहले मोदी ने देश से भ्रष्टाचार को मिटाने का दावा और वादा किया था। लेकिन एक सर्वे से पता लगता है कि एशिया में भ्रष्टाचार के पायदान पर भारत नंबर वन है। शर्म की बात है कि सरकार किसानों की आवाज को अनसुना कर रही है।
लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश हो रही
वर्ष 2011 की भीड़ से आंदोलन की तुलना में कम भीड़ से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि उस वक्त मीडिया के 60 कैमरे यहां थे, आज सिर्फ दो हैं। कोई देश के लोकतंत्र का गला घोटने की कोशिश कर रहा है। यह पूरा देश जानता है। यही कारण है जो लोग आंदोलन में आना चाहते हैं, उन्हें दिल्ली से बाहर ही रोका जा रहा है। वहीं, मीडिया पर भी किसी का प्रभाव है, जिससे जनता को संदेश नहीं पहुंच पा रहा।
कोलकाता से साइकिल पर दिल्ली पहुंचा
कोलकाता निवासी सौरभ लहरी रविवार को साइकिल से 17 दिन का सफर तय कर रामलीला मैदान में अन्ना से मिलने पहुंचे। सौरभ 9 मार्च को दिल्ली के लिए साइकिल से निकले थे। उन्होंने अन्ना से मुलाकात की। वहीं, अन्ना ने उनके उत्साह और लगन की सराहना की। अन्ना ने बोला कि अगर हर युवा में ऐसी लगन पैदा हो जाए तो सरकार जनता से किए वादों को हर हाल में पूरा करने के लिए मजबूर हो जाएगी।
तीसरे दिन में घटा 3.6 किलो वजन
अन्ना के डॉक्टर धनंजय सिंह ने बताया कि सत्याग्रह के तीसरे दिन अन्ना का वजन 74.3 किलो से घटकर 70.7 किलो हो गया है। अब तक अन्ना का 3.6 किलो वजह घट चुका है। उन्होंने अन्ना को आराम करने की सख्त हिदायत दी है। लेकिन अन्ना कम से कम 10 दिनों तक अनशन जारी रखने की बात कर रहे हैं।