उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट में कहा गया कि सरकार ने लोकपाल और लोकायुक्त नियुक्ति की मांग चुनाव आयोग के पास भेजने की बात कही गई है, लेकिन इसका कोई प्रमाण नहीं दिया गया। इस ड्राफ्ट के बारे में अन्ना ने बहुत ही धीमी और सहज आवाज में अपनी बात कही। सुबह से ही उनकी तबीयत खराब हो रही थी। दोपहर के बाद उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी, जिस कारण वह अपने आराम कक्ष में रहे। इस बीच डॉक्टरों की टीम ने उनकी स्वास्थ्य गतिविधियों का गंभीरता से ध्यान रखा।
'मुझे विश्वास है कि भगवान मुझे संभालेंगे'
बुधवार को समर्थकों को सम्बोधित करते हुए अन्ना ने सरकार ड्राफ्ट पर दुख जताया और स्पष्ट रूप से लिखित रूप में मांगे न माने जाने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि मेरा शरीर अब कमजोर हो रहा है, लेकिन मैं ठीक हूं। वहीं उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होगी तब तक भगवान मेरा संभालेंगे।
तबीयत बिगड़ने पर रद्द हुआ सम्बोधन
आंदोलन के मीडिया प्रभारी जयकांत मिश्रा के मुताबिक शाम तक अन्ना की हालत इतनी बिगड़ गई कि वह बोल भी नहीं पा रहे थे, जिस कारण शाम को पांच बजे होने वाली प्रेसवार्ता का समय पहले पांच बजे से बढ़ाकर छह बजे किया गया, लेकिन फिर छह बजे तक उनके स्वास्थ्य में कोई सुधार न होने की स्थिति में जन व प्रेस सम्बोधन को रद्द कर दिया गया।
छठे दिन गंभीर हुई स्वास्थ्य रिपोर्ट
आंदोलन के मीडिया प्रभारी जयकांत मिश्रा ने बताया कि सत्याग्रह के छठे दिन बुधवार को अन्ना का वजन 74.3 किलो से घटकर 68.8 किलो तक पहुंच गया। उनका वजन छह दिनों में साढ़े पांच किलो घट गया है। शाम 4 बजे उनका बीपी 186/100 तक पहुंच गया। इस बाबत अन्ना को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी गई है। अन्ना अपने कक्ष में लेटकर आराम कर रहे हैं। डॉक्टरों ने कहा है कि अन्ना के बोलने से उनकी तबीयत और बिगड़ सकती है।
पूरे दिन होता रहा सरकार के दूसरे मसौदे का इंतजार
सरकार के पहले मसौदे को अन्ना द्वारा अस्वीकार कर देने पर सरकार की ओर से संदेशी दिया गया कि सरकार फिर से उनकी मांगों पर विचार कर रही है। साथ यह भी कहा गया कि फिर से सरकार के प्रतिनिधि आएंगे और दूसरा मसौदा पेश करेंगे। लेकिन देर शाम तक सरकार का कोई प्रतिनिधि न तो मांगों का मसौदा लेकर पहुंचा और न ही अन्ना की तबीयत की खैर खबर लेने के लिए कोई संवाद किया गया।
कैंडल मार्च करते समर्थकों को पुलिस हिरासत में लिया
अन्ना की तबीयत बिगड़ने के चलते समर्थकों ने बुधवार शाम कारीब साढ़े 6 बजे कनाट प्लेस में कैंडल मार्र्च निकालना शुरू किया। इस कैंडल मार्च का नेतृत्व सत्याग्रह से जुड़े भ्रष्टाचार विरोधी जन आंदोलन न्यास के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य सुशील भट्ट ने किया। इस दौरान रोषित समर्थकों ने सरकार का विरोध जताते हुए कैंडल मार्च निकाल कर आम लोगों को आंदोलन से जुडने की अपील की गई।
इस बीच पुलिस ने समर्थकों को मिंटो रोड पर लिया और कुछ समर्थकों को हिरासत में लेकर पुलिस वैन से वापस रामलीला मैदान छोड़ दिया। इन समर्र्थकों में राधेश्याम सोनी समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे। अन्ना की तबीयत बिगड़ने के कारण समर्थकों में रोष की स्थिति है।