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साहित्य में श्रेष्ठ सृजनात्मकता के लिए अमर उजाला शब्द सम्मान

Wed, 28 Mar 2018 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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अमर उजाला शब्द सम्मान का पोस्टर जारी करते पद्मभूषण गोपाल दास नीरज
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शब्द-परंपरा और भारतीय भाषाओं में श्रेष्ठतम सृजन के सम्मान के अपने दायित्व निर्वहन के लिए अमर उजाला परिवार इस साल से साहित्य अलंकरण अमर उजाला शब्द सम्मान की शुरुआत कर रहा है। इसके तहत, अमर उजाला फाउंडेशन सतत रचनात्मकता के लिए एक हिन्दी और एक अन्य भारतीय भाषा में पांच-पांच लाख रुपये के दो सर्वोच्च अलंकरण और वर्ष की श्रेष्ठ कृतियों के साथ भारतीय भाषाओं में परस्पर अनुवाद के लिए एक-एक लाख रुपये के सम्मान प्रदान करेगा। इस तरह, अमर उजाला फाउंडेशन ने कुल 15 लाख रुपये के सात शब्द साधना सम्मान स्थापित किए हैं।
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वरिष्ठ साहित्यकारों ने बुधवार को अलग-अलग शहरों में शब्द सम्मान के पोस्टर जारी करते हुए अमर उजाला की इस पहल को मील का पत्थर बताया। वरिष्ठ साहित्यकारों नामवर सिंह, तस्लीमा नसरीन व रामदरश मिश्र ने दिल्ली, काशीनाथ सिंह ने वाराणसी, नयनतारा सहगल, रस्किन बांड व लीलाधर जगूड़ी ने देहरादून, शम्सुर्रहमान फारुकी ने इलाहाबाद, सुरजीत पातर ने चंडीगढ़, शेखर जोशी ने लखनऊ, गीतकार नीरज व काजी अब्दुल सत्तार ने अलीगढ़ में शब्द सम्मान के पोस्टर जारी किए। 
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अमर उजाला शब्द सम्मान का पेस्टर जारी करते पद्मश्री काजी अब्दुल सत्तार
अमर उजाला फाउंडेशन के प्रवक्ता ने बताया कि सतत रचनात्मकता के दो सर्वोच्च अलंकरण आकाशदीप हिन्दी और भारतीय भाषाओं में विशिष्ट अवदान के लिए पांच-पांच लाख नकद सम्मान राशि के साथ दिए जाएंगे। हिन्दी में किसी भी लेखक की पहली कृति के थाप पुरस्कार दिया जाएगा, जिसकी सम्मान राशि एक लाख रुपये है। छाप केअंतर्गत तीन विधाओं कविता, कथा और गैर-कथा के लिए एक-एक लाख रुपये के तीन सम्मान दिए जाएंगे। भारतीय भाषाओं में परस्पर अनुवाद के लिए एक विशिष्ट सम्मान भाषा बंधु भी प्रदान किया जाएगा। इसकी सम्मान राशि भी एक लाख रुपये है।

अमर उजाला शब्द सम्मान के लिए प्रस्ताव एवं अनुशंसा भेजने की अंतिम तिथि 10 मई है। प्रस्ताव पत्र नियम व शर्तों के साथ आधिकारिक साइट पर उपलब्ध है। प्रस्ताव-पत्र की फोटो प्रति भी उपयोग में ली जा सकती है।

गौरतलब है कि अमर उजाला ने बीते साल से साहित्यकारों की जुगलबंदी की अनूठी शृंखला बैठक की शुरुआत की थी। बैठक में नामवर सिंह, विश्वनाथ त्रिपाठी, अशोक वाजपेयी, सुधीश पचौरी, मैत्रेयी पुष्पा, चित्रा मुद्गल, तस्लीमा नसरीन व नासिरा शर्मा जैसी शख्सियतें शिरकत कर चुकी हैं। शब्द सम्मान इसी की अगली कड़ी हैं।
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