मशहूर समाजसेवी और लोकपाल आंदोलन के प्रेरक रहे अन्ना हजारे की तबियत अचानक खराब होने से उनकी दिल्ली यात्रा पर संशय बना हुआ है। गौरतलब है कि अन्ना को रविवार को दिल्ली में चुनाव सुधार को लेकर होने वाले एक सेमिनार में शामिल होना था, लेकिन वो यात्रा करने की स्थिति में भी नहीं हैं।
माना जा रहा था कि 16 अप्रैल और 17 अप्रैल को इंडिया अगेंस्ट करप्शन द्वारा आयोजित सेमिनार में शामिल होने के लिए दिल्ली आने वाले अन्ना हजारे महत्वपूर्ण नगर निगम चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को मुश्किलों में डाल सकते थे।
हजारे पहले भी केजरीवाल सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त शासन के सिद्धांतों को भूलने के लिए सार्वजनिक रूप से आलोचना कर चुके हैं। केजरीवाल सरकार इस वक्त नगर निगम चुनाव से पहले शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट के सार्वजिन होने से विपक्ष के निशाने पर हैं।