वसूली कांड व अन्य मामलों के आरोप में घिरे महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है। इस बीच ईडी ने उनकी पत्नी आरती देशमुख को भी समन भेजा है। देशमुख के वकील कमलेश घुमरे ने बुधवार को कहा कि आरती को बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे दक्षिण मुंबई स्थित ईडी कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है।
अवैध वसूली कांड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरती देशमुख तलब
पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के वकील कमलेश घुमरे ने कहा कि 66 वर्षीय आरती कोरोना संक्रमित हैं और वह कई अन्य रोग से भी ग्रसित हैं। उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है फिर भी उन्हें समन जारी किया गया है।
दरअसल वसूली कांड व अन्य मामलों में घिरे अनिल देशमुख को ईडी ने अब तक तीन बार समन भेजा है, लेकिन हर बार वह किसी न किसी बहाने एजेंसी के सामने पेश होने से बचते रहे हैं। ईडी उनके पुत्र ऋषिकेश को भी समन जारी कर चुका है।
बता दें कि अनिल देशमुख के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल को लगता है कि कथित धनशोधन मामले में उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच उचित नहीं है और इसलिए वह तफ्तीश में शामिल नहीं हो रहे । देशमुख के वकील कमलेश घुमरे ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि ईडी की जांच वास्तविक जांच के बजाय 'उत्पीड़न' की तरह ज्यादा दिखती है।
ईडी ने इससे पहले देशमुख को कई समन जारी कर बयान दर्ज करने को कहा था। हालांकि, राकांपा नेता देशमुख (72) ने कोविड-19 को लेकर 'संवेदनशील' होने का हवाला देते हुए पेशी से इनकार कर दिया था। इसके बजाय उन्होंने केंद्रीय एजेंसी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज कराने की पेशकश की थी। देशमुख ने मामले में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बचाव की अपील करते हुए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
इस साल की शुरुआत में मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह की शिकायत पर सीबीआई और ईडी ने देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में मामला दर्ज किया था। सिंह ने अपनी शिकायत में देशमुख पर कम से कम 100 करोड़ रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया था।