हाल में बेहद लोकप्रिय और चर्चित हुए टीवी सीरियल ‘भाभी जी घर पर हैं’ के लेखक मनोज संतोषी ने अंगूरी भाभी उर्फ शिल्पा शिंदे के आरोपों को गलत बताते हुए सीरियल निर्माता और सीरियल के कलाकारों का बचाव किया है। मनोज ने शिल्पा पर अहसानफरामोशी का उल्टे इल्जाम लगाते हुए कहा कि जिस सीरियल ने उन्हें लोकप्रियता के आसमान पर पहुंचाया उसी के निर्माता और कलाकारों को कटघरे में खड़ा करके उन्होंने सिर्फ लालच की वजह से सीरियल छोड़ दिया।
वह कहते हैं कि लोग एक्टर को नहीं बल्कि उसके किरदार को पसंद करते हैं और यह किरदार लेखक गढ़ता है। शिल्पा शिंदे को अपने ऊपर गुमान हो गया जबकि अंगूरी भाभी का किरदार उनकी कलम ने गढ़ा। भाभी जी घर पर हैं फेम राइटर मनोज संतोषी गुरुवार को नैनीताल से दिल्ली जाते वक्त नगर के मोहल्ला भट्टी टोला निवासी अभिनेता आदिल मियां के आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मूलत: अलीगढ़ निवासी मनोज अपने पिता स्वर्गीय विशंभर सिंह संतोषी के पांच बच्चों में सबसे छोटे और दुलारे हैं।
इंटर करने के बाद वह 17 वर्ष की उम्र में ही बंबई चले गए थे और सीरियलों की पटकथा लिखने का काम शुरू किया। स्वार्थ के लिए दर्शकों की भावनाओं से नहीं खेलना चाहिए कलाकार को सही पकड़े हैं के डायलाग से मशहूर हुईं अंगूरी भाभी का रोल निभाने वाली कलाकार शिल्पा शिंदे द्वारा सीरियल छोड़कर दूसरे सीरियल में जाने के बाबत कहा कि उनके द्वारा निर्देशक पर लगाए गए आरोप गलत हैं। जबकि, उन्हें उनके सीरियल से ही पहचान मिली थी।
उन्होंने कहा कि वह तीन साल के एग्रीमेंट के बाद भी समय से पहले ही महज लालच की वजह से गई हैं। उनके स्थान पर दूसरी कलाकार शुभांगी अत्रे रोल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कलाकार को कभी भी अपने स्वार्थ के कारण दर्शकों की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिल्पा ने सीरियल में पति मनमोहन तिवारी की भूमिका निभाने वाले रोहिताश गौड़ पर भी मिथ्या आरोप लगाए थे। आज के तनाव भरे माहौल में कामेडी सभी की पसंद भाभी जी घर पर हैं सीरियल की कहानी को उन्होंने महज लोगों के मनोरंजन की दृष्टि से लिखा था। अलीगढ़ के मूल निवासी पटकथा लेखक मनोज कहते हैं कि आज के भागमभाग और तनाव के माहौल में स्वाभाविक रूप से दर्शकों की पहली पसंद कामेडी है जो उन्हें मानसिक रूप से राहत देती है।