प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक बार फिर दोहराया कि वह आतंकियों और उनका समर्थन करने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ मैनुअल गोंकाल्वेस लॉरेंको के साथ द्विपक्षीय बैठक में पहलगाम हमले के बाद सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को समर्थन देने के लिए उनका आभार भी जताया।
राष्ट्रपति लॉरेंको के साथ व्यापक चर्चा के बाद जारी बयान में पीएम मोदी ने कहा, हम इस बात पर एकमत हैं कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इस मौके पर उन्होंने अंगोला की सशस्त्र सेनाओं के प्रशिक्षण में सहयोग देने की बात भी कही। उन्होंने कहा, मुझे अंगोला के रक्षा बलों के आधुनिकीकरण के लिए भारत की तरफ से 20 करोड़ डॉलर की डिफेंस क्रेडिट लाइन (रक्षा ऋण सहायता) की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। पीएम मोदी व अंगोला के राष्ट्रपति के बीच हैदराबाद हाउस में हुई बातचीत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के क्षेत्रों सहित समग्र द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने पर भी केंद्रित रही। इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद थे।
पीएम मोदी ने लॉरेंको का स्वागत करते हुए कहा...यह ऐतिहासिक पल है। 38 वर्षों बाद अंगोला के राष्ट्रपति भारत यात्रा पर हैं। इससे न केवल भारत-अंगोला संबंधों को नई दिशा मिलेगी, बल्कि भारत और अफ्रीका साझेदारी को भी बल मिल रहा है।
ऊर्जा साझेदारी बढ़ाने का किया फैसला
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत अंगोला के तेल और गैस के सबसे बड़े खरीदारों में से एक है। हमने ऊर्जा साझेदारी को व्यापक बनाने का निर्णय किया है। रक्षा प्लेटफॉर्म की मरम्मत और आपूर्ति पर भी बात हुई है। पीएम ने कहा कि इस बात की बेहद खुशी है कि भारत और अंगोला अपने राजनयिक संबंधों की 40वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। लेकिन यह संबंध उससे भी पुराने और गहरे हैं। अंगोला की आजादी की लड़ाई के समय भारत उसके साथ खड़ा था।
भारत ने विकास साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और क्षमता निर्माण में अंगोला के साथ अपनी क्षमताएं साझा करने का भी फैसला किया है। प्रधानमंत्री ने बताया, हम स्वास्थ्य सेवा, हीरा प्रसंस्करण, खाद और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भी संबंध और मजबूत करेंगे। दोनों देश अपने युवाओं को एक-दूसरे के यहां भेजने के कार्यक्रम में गति लाएंगे।
अफ्रीकन यूनियन की अध्यक्षता के लिए दी बधाई
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर अंगोला को अफ्रीकन यूनियन की अध्यक्षता के लिए बधाई भी दी। प्रधानमंत्री ने कहा, पिछले एक दशक में अफ्रीकी देशों के साथ हमारे सहयोग में गति आई है। हमारा परस्पर व्यापार लगभग 100 बिलियन डॉलर हो गया है। रक्षा सहयोग और नौसेना सहयोग भी बढ़ा है। हम वैश्विक दक्षिण के मजबूत स्तंभ हैं। मुझे विश्वास है कि अंगोला की अध्यक्षता में भारत और अफ्रीकन यूनियन के संबंध नई ऊंचाइयों को हासिल करेंगे।
लॉरेंको ने की पहलगाम आतंकी हमले की निंदा
भारत की राजकीय यात्रा पर आए अंगोला के राष्ट्रपति लॉरेंको ने पहलगाम हमले की निंदा की। लॉरेंको ने अपनी यात्रा को ऐतिहासिक बताया व गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार जताया। साथ ही कहा, मेरी यात्रा भारत-अंगोला के बीच दोस्ती और सहयोग को और मजबूत करेगी। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी लॉरेंको से मुलाकात की और भारत के प्रति उनकी गर्मजोशी और साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए उनके मार्गदर्शन को सराहनीय करार दिया। इससे पूर्व, लॉरेंकों का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। उन्हें 21 तोपों की सलामी और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
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भारत और अंगोला के संबंधों में मजबूती पर जोर
इससे पहले, अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ मैनुअल गोंकाल्वेस लॉरेंको का शनिवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में राजकीय स्वागत किया गया। इस मौके पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। इस मौके पर राष्ट्रपति लॉरेंसो ने भारत और अंगोला के संबंध मे मजबूती पर जोर दिया। राष्ट्रपति लॉरेंसो कहा कि यह राजकीय यात्रा 38 साल बाद हो रही है, इसलिए यह अंगोला के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा हमारे दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग को मजबूत करने के लिए अहम है। साथ ही उन्होंने भारत आने पर हुए उनके स्वागत को लेकर कहा कि हम भारत की जनता द्वारा दिए गए गर्मजोशी और सम्मानपूर्ण स्वागत के लिए आभारी हैं।
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