आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर में बुधवार को भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भगदड़ वैकुंठ द्वार दर्शन टिकट वितरण केंद्र के पास मची, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई। वहीं घटना में 40 लोग घायल हुए हैं। घायलों को श्री वेंकटेश्वर रामनारायण रुइया सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुबह से करीब 4000 श्रद्धालु तिरुपति में विभिन्न टिकट केंद्रों पर वैकुंठ द्वार दर्शन टिकट के लिए कतार में खड़े थे। यह घटना तब हुई जब श्रद्धालुओं को बैरागी पट्टी पार्क में टोकन वितरण के लिए कतार में लगने के लिए कहा गया था।
#WATCH | Andhra Pradesh: A stampede-like situation occurred at Vishnu Nivasam in Tirupati during the distribution of Vaikunta Dwara Sarva Darshan tokens. More details awaited. pic.twitter.com/vhoEYGLW2U
— ANI (@ANI) January 8, 2025
मृतकों में एक की पहचान मल्लिका के रूप में हुई है। मल्लिका के पति ने बताया, जब मेरी पत्नी और अन्य लोग वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए टिकट लेने की कोशिश कर रहे थे, तभी भगदड़ मच गई, जिसके कारण उनकी मौत हो गई।
आपात बैठक कर रहे टीटीडी अध्यक्ष बीआर नायडू
पीटीआई के मुताबिक, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड (टीटीडी) के अध्यक्ष बीआर नायडू ने कहा कि 'भगदड़ में छह लोगों के मारे जाने की खबर है।' नायडू ने घटना के बाद आपात बैठक की। एक दिन पहले टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी जे. श्यामला राव ने 10 से 19 जनवरी तक होने वाले वैकुंठ एकादशी और वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी थी। उन्होंने यह भी बताया था कि श्रद्धालुओं को वैकुंठ द्वार के दर्शन कराना टीटीडी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राव ने कहा था कि टीटीडी ने इस दौरान सात लाख श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं की हैं। वैकुंठ द्वार दस दिनों तक खुला रहेगा और व्यवस्था के विशेष प्रोटोकॉल होंगे, ताकि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन का अनुभव हो सके। 10 जनवरी को विशेष दर्शन सुबह 4.30 बजे शुरू होगा, इसके बाद सामान्य दर्शन सुबह आठ बजे होंगे।
मुख्यमंत्री नायडू ने घटना पर जताया दुख
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि वह इससे बेहद दुखी हैं और उन्होंने अधिकारियों को घायलों के लिए उचित राहत उपाय सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने कहा, मुख्यमंत्री ने घायलों को दिए जा रहे उपचार को लेकर अधिकारियों से फोन पर बात की। उन्होंने उच्च अधिकारियों को घटनास्थल पर जाकर राहत कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि घायलों को बेहतर उपचार मिल सके। मुख्यमंत्री कल घायलों से मुलाकात करने के लिए तिरुपति का दौरा करेंगे।