कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू (फाइल फोटो)
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और टीडीपी सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वह कौशल विकास निगम घोटाला मामले में उनके खिलाफ एफआईआर रद्द करने से इनकार करने के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर अपना फैसला सुनाएगा। दरअसल, नायडू ने उनके खिलाफ प्राथमिकी रद्द करने की अपील की है। आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने नायडू की अपील खारिज कर दी थी। इसके बाद नायडू ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी आमने-सामने
उच्चतम न्यायालय में मंगलवार को आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू की याचिका पर न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ में सुनवाई हुई। आंध्र प्रदेश में कौशल विकास निगम घोटाला मामले में नायडू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। उन्होंने FIR रद्द करने की मांग की है। नायडू की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने पैरवी की। आंध्र प्रदेश राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने किया। वरिष्ठ वकीलों की दलीलें सुनने के बाद शीर्ष अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
आंध्र प्रदेश के खजाने को 371 करोड़ का चूना लगा?
73 वर्षीय नायडू पर 2015 में मुख्यमंत्री रहने के दौरान कौशल विकास निगम से धन का कथित दुरुपयोग का आरोप लगा है। आरोपों के आधार पर नायडू को 9 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। सरकार का आरोप है कि नायडू के कथित दुरुपयोग के कारण राज्य के खजाने को 371 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। पूर्व मुख्यमंत्री फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और आंध्र प्रदेश की राजामहेंद्रवरम केंद्रीय जेल में बंद हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ पुलिस ने गंभीर आरोप लगाए
आंध्र प्रदेश पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) ने अपनी रिमांड रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि नायडू धोखाधड़ी से दुरुपयोग करने की साजिश में संलिप्त रहे हैं। इसके अलावा स्वयं के उपयोग के लिए सरकारी धन का इस्तेमाल, संपत्ति का निपटान के इरादे से आपराधिक साजिश रचने में शामिल होने का भी आरोप है। नायडू के खिलाफ दर्ज मामलों में धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज़ बनाना और सबूत नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं।"
टीडीपी सुप्रीमो की याचिका खारिज कर हाईकोर्ट ने क्या कहा?
पूर्व मुख्यमंत्री नायडू की याचिका को खारिज करते हुए, आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने 22 सितंबर को कहा था कि आपराधिक कार्यवाही को प्रारंभिक चरण में नहीं रोका जाना चाहिए। अदालत ने कहा था कि एफआईआर को रद्द करना नियम के बजाय एक अपवाद होना चाहिए।