टीडीपी ने फिलहाल सरकार से नाता तोड़ा है एनडीए से नहीं। नायडू ने कहा कि पार्टी जल्द ही गठबंधन में बने रहने या न बने रहने का फैसला करेगी। माना जा रहा है कि नायडू सरकार के साथ एनडीए से भी नाता तोड़ने का पहले ही मन बना चुके हैं। वह जल्द ही गठबंधन पर भी फैसला लेंगे।
भाजपा का आधार बढ़ाना तो वजह नहीं?
भाजपा सूत्रों का कहना है कि टीडीपी ने विशेष राज्य दर्जा को सरकार से नाता तोड़ने का महज एक बहाना बनाया है। दरअसल टीडीपी भाजपा के संगठन विस्तार से नाराज थी। पार्टी ने वर्ष 2014 के बाद राज्य में अपना आधार मजबूत करने की दिशा में लगातार मेहनत की है। इसके अलावा टीडीपी के कई नेता यह भी मानते हैं कि भाजपा राज्य में टीडीपी की प्रतिद्वंद्वी वाईएसआर कांग्रेस से नजदीकियां बढ़ा रही थी।
आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग पर केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि केंद्र आंध्र प्रदेश को विशेष पैकेज देने के लिए तैयार है लेकिन विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए नहीं।
जेटली ने कहा कि '14वें वित्त आयोग के मुताबिक किसी को भी विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता।'
फंड पर जारी विवाद पर उन्होंने कहा कि 'सिर्फ भावनाओं के आधार पर फंड नहीं दिया जाता। फाइनेंस कमिशन की रिपोर्ट आने के बाद हम विशेष दर्जा की बजाय इसे विशेफ पैकेज कह रहे हैं क्योंकि इसमें वहीं फायदा मिलता है जो विशेष दर्जा वाले राज्य को मिलता है।'
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के फंड पर कोई भेदभाव नहीं करती है। मेरी आंध्र प्रदेश के साथ सहानुभूति है क्योंकि यहां की मौजूदा स्थिति विभाजन के कारण हुई है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू बजट में मिले कम फंड पर नाखुश हैं।