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ONGC Konaseema Well Fire: आंध्र प्रदेश के कोनासीमा में ओएनजीसी के तेल के कुएं में लगी आग, राहत-बचाव कार्य जारी

Mon, 05 Jan 2026 02:58 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले में ONGC के एक स्थल से गैस रिसाव के बाद आग की लपटें और गैस का घना फैलाव देखा गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। एहतियातन तीन गांवों को खाली कराया गया, बिजली आपूर्ति बंद की गई और चूल्हों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई।
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ओएनजीसी के एक स्थल से गैस रिसाव - फोटो : ANI
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विस्तार
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आंध्र प्रदेश के डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोंसमीरा जिले में सोमवार को एक तेज धमाके से हड़कंप मच गया। ये धमाका ओएनजीसी की मोरी-5 गैस कुआं में गैस लीकेज के कारण भयंकर आग लगने के चलते हुआ। आग का प्रवाह इतना बड़ा था कि आसपास के इरुसुमंडा, गुदापल्ली और लक्कावरम गांवों के लगभग 600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इलाके में काले धुएं और लपटें उठती दिखीं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन आसपास के क्षेत्रों को खाली कराने के आदेश दिए हैं। संभावित खतरे को टालने के लिए बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई और रसोई गैस चूल्हों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।

हादसे में किसी की मौत या चोट की सूचना नहीं

यह घटना मोरी गांव स्थित मोरी-5 कुएं पर हुई, जिसका संचालन ONGC के प्रोडक्शन कॉन्ट्रैक्टर दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे में किसी की मौत या चोट की सूचना नहीं है।

अधिकारियों के अनुसार, गैस पाइपलाइन में रिसाव के कारण आग भड़की। घटना की सूचना मिलते ही ओएनजीसी के राजामहेंद्रवरम (राजामुंद्री) एसेट के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए और स्थिति का आकलन शुरू किया। ONGC की टीमें आग के कारणों की जांच कर रही हैं, जबकि जिला प्रशासन अग्निशमन और सुरक्षा इंतजामों का समन्वय कर रहा है।

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बताया गया है कि दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड ONGC की प्रोडक्शन एनहांसमेंट कॉन्ट्रैक्टर (PEC) है और कंपनी ने 2024 में आंध्र प्रदेश के राजामुंद्री एसेट में उत्पादन बढ़ाने के लिए करीब 1,402 करोड़ रुपये का अनुबंध हासिल किया था। कंपनी बीते करीब एक साल से मोरी-5 कुएं का संचालन कर रही है। स्थिति पर काबू पाने और एहतियाती उपायों के लिए प्रशासन सतर्क है। घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है।

पिछली घटना का संदर्भ

बता दें है कि अक्तूबर में इसी जिले के रायवरम मंडल में एक आतिशबाजी निर्माण इकाई में विस्फोट हुआ था, जिसमें छह श्रमिकों की मौत और दो के घायल होने की पुष्टि हुई थी। पुलिस के अनुसार, वह इकाई लाइसेंसशुदा थी और हादसे की वजह संभावित तौर पर निर्माण के दौरान हुई चूक बताई गई थी। घायलों को इलाज के लिए काकीनाडा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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