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Maharashtra: चुनाव ड्यूटी में कोर्ट स्टाफ की तैनाती पर हाईकोर्ट सख्त, बीएमसी आयुक्त की गलती पर लगाई फटकार

Mon, 05 Jan 2026 02:47 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने चुनाव ड्यूटी के लिए कोर्ट कर्मचारियों की तैनाती पर बीएमसी आयुक्त को फटकार लगाई। आयुक्त ने गलती मानी, कोर्ट ने अधिकार क्षेत्र पर उठाए सवाल।
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बॉम्बे हाईकोर्ट। - फोटो : ANI
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विस्तार
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चुनाव ड्यूटी के लिए अदालतों के कर्मचारियों की तैनाती को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आयुक्त भूषण गगरानी को कड़ी फटकार लगाई है। हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद आयुक्त ने खुद स्वीकार किया कि कोर्ट स्टाफ को चुनाव ड्यूटी के लिए बुलाना उनकी गलती थी। मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखाड की पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बीएमसी आयुक्त ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश जारी किए। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा आपको खुद को बचाना चाहिए। आपके पास कोर्ट कर्मचारियों को बुलाने का कोई अधिकार नहीं है।

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हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह स्वतः संज्ञान लेते हुए बीएमसी आयुक्त द्वारा अधीनस्थ अदालतों के कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी के लिए बुलाने संबंधी सभी पत्रों पर रोक लगा दी थी। साथ ही आयुक्त को निर्देश दिया गया था कि वह हाईकोर्ट या अधीनस्थ अदालतों के किसी भी कर्मचारी से चुनाव ड्यूटी के लिए संपर्क न करें।

सोमवार को सुनवाई के दौरान बीएमसी आयुक्त की ओर से पेश वरिष्ठ वकील रवि कदम ने अदालत को बताया कि आयुक्त ने अपने आदेश वापस ले लिए हैं और इसे एक प्रशासनिक भूल माना है। इसके बाद कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि अब चुनावों के लिए अन्य स्रोतों से व्यवस्थाएं की जाएं।
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कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2008 में हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति ने स्पष्ट फैसला लिया था कि हाईकोर्ट और अधीनस्थ अदालतों के सभी कर्मचारी चुनाव ड्यूटी से मुक्त रहेंगे। संविधान के अनुच्छेद 235 के तहत अधीनस्थ अदालतों और उनके कर्मचारियों पर पूरा नियंत्रण हाईकोर्ट का ही होता है। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई चुनावों के बाद तीन सप्ताह के लिए स्थगित कर दी है, लेकिन साथ ही यह साफ संदेश दे दिया है कि न्यायिक व्यवस्था में किसी भी तरह का प्रशासनिक हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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