आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी (फाइल फोटो)
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आंध्र प्रदेश की जगन मोहन रेड्डी सरकार की कैबिनेट ने विधान परिषद को खत्म करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। आंध्र प्रदेश विधानसभा में सोमवार को राज्य विधान परिषद को समाप्त करने के संबंध में प्रस्ताव पारित हो गया है। इससे पहले आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने एक प्रस्ताव पारित कर राज्य विधान परिषद को समाप्त करने की प्रक्रिया को हरी झंडी दी थी। अब इसे आवश्यक कार्यवाही के लिए केंद्र के पास भेजा जाएगा।
आंध्र की 58 सदस्यीय परिषद में वाईएसआर कांग्रेस नौ सदस्यों के साथ अल्पमत में है। इसमें विपक्षी तेलगु देशम पार्टी के 28 सदस्य हैं। सत्तारुढ़ दल सदन में वर्ष 2021 में ही बहुमत प्राप्त कर पाएगा जब विपक्षी सदस्यों का छह साल का कार्यकाल खत्म हो जाएगा।
दरअसल वाईएस जगनमोहन रेड्डी की सरकार पिछले हफ्ते राज्य विधानसभा के उच्च सदन में राज्य में तीन राजधानियों से संबंधित महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करवाने में विफल रही थी। इसी के बाद राज्य मंत्रिमंडल ने यह कदम उठाया। वाईएसआर कांग्रेस के विधायक गुडीवाडा अमरनाथ ने इसकी जानकारी दी। बता दें कि आज से ही विधानसभा का विशेष सत्र शुरू हो रहा है।
नायडू की पार्टी करेगी सत्र का बहिष्कार
कैबिनेट की बैठक के बाद आज से ही विधानसभा का विशेष सत्र शुरू होने जा रहा है। इस सत्र में विधान परिषद के खत्म किए जाने पर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार राज्य का पूर्व मुख्यमंत्री और टीडीपी अध्यक्ष नारा चंद्रबाबू नायडू के विधायकों ने विधानसभा सत्र के बहिष्कार का फैसला किया है। रविवार को नायडू ने अपने विधायकों के साथ बैठक की। जिसमें तय किया गया कि पार्टी के 21 विधायक सत्र का बहिष्कार करेंगे।
इसलिए जगन मोहन खत्म करना चाहते हैं विधान परिषद
आंध्र प्रदेश विधान परिषद में 58 सदस्य हैं। जगन मोहन रेड्डी के हाथों में बेशक राज्य की सत्ता की चाबी है लेकिन उच्च सदन यानी विधान परिषद् में चंद्रबाबू की पार्टी के पास बहुमत है। यहां टीडीपी के 27 और वाईएसआर कांग्रेस के नौ विधायक हैं। विधान परिषद् में जगन के तीन राजधानियों वाले महत्वकांक्षी प्रस्ताव को झटका लगा है। इस संबंध में जब विधेयक को विधान परिषद् में पेश किया गया तो टीडीपी ने इसे सिलेक्ट कमेटी के पास भेज दिया। जिसके कारण उनकी यह परियोजना लटक गई। सत्तारुढ़ दल सदन में वर्ष 2021 में ही बहुमत प्राप्त कर पाएगा जब विपक्षी सदस्यों का छह साल का कार्यकाल खत्म हो जाएगा।
वर्तमान में किन राज्यों में है विधान परिषद्
वर्तमान में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में विधान परिषद् है।