आंध्र प्रदेश सीआईडी के चीफ एन संजय ने कहा है कि मार्गदर्शी चिट फंड्स प्राइवेट लिमिटेड (MCFPL) जांच में सहयोग करे, जिससे निष्पक्ष और सही जांच हो सके। बता दें कि मार्गदर्शी चिट फंड पब्लिक लिमिटेड के खिलाफ वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हैं और उसके खिलाफ कई एफआईआर भी दर्ज हुई हैं। कंपनी पर आरोप है कि उन्होंने फंड का गलत तरीके से निवेशकों के पैसे का डायवर्जन किया और उसे निजी फायदे के लिए म्युचुअल फंड्स में निवेश किया।
सीआईडी चीफ ने दी सलाह
आंध्र प्रदेश सीआईडी के चीफ एन. संजय ने कहा कि मार्गदर्शी चिट फंड्स प्राइवेट लिमिटेड संबंध रिकॉर्ड और दस्तावेजों को पारदर्शी तरीके से साझा करे, जिससे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। वित्तीय अनियमितता के आरोप में पुलिस ने कंपनी के कुछ कर्मचारियों को गिरफ्तार भी किया है। पुलिस के एडिश्नल डायरेक्टर जनरल एन सुरेश ने मार्गदर्शी मामले में जांच को सही ठहराते हुए सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का जिक्र किया और बताया कि साल 1993 में श्रीराम चिट्स एंड इनवेस्टमेंट बनाम केंद्र सरकार और अन्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि चिट बिजनेस में वित्तीय अनुशासन को लाने और उसके नियमन के लिए कानून लागू किया गया। कंपनियां लोगों के पैसों से खिलवाड़ करती हैं।
केके भास्करन बनाम तमिलनाडु सरकार फैसले का जिक्र करते हुए एन सुरेश ने कहा कि सरकार, नागरिकों के कल्याण की संरक्षक होती है और चुपचाप खड़े होकर तमाशा नहीं देख सकती। एन सुरेश ने कहा कि मार्गदर्शी कंपनी के खिलाफ ठोस शिकायत मिलने के बाद ही जांच की जा रही है। मार्गदर्शी चिट फंड कंपनी पर आरोप है कि कंपनी ने गैरकानूनी तरीके से फंड जमा किया और उसे अपने फायदे के लिए ग्रुप की अन्य कंपनियों में ट्रांसफर किया। हालांकि कंपनी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि कंपनी को आर्थिक रूप से तबाह करने और स्टाफ को डराने के उद्देश्य से यह पूरी कार्रवाई की जा रही है। आरोप लगाकर कंपनी की छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।