पूरे राज्य में मंदिरों की जमीन को सुरक्षित करने के लिए राज्य के सभी 26 जिलों के धर्मार्थ आयुक्तों के साथ समीक्षा बैठक की गई, जिसमें उन्हें मंदिरों की भूमि की रक्षा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
आंध्र प्रदेश सरकार ने अपने नियंत्रण वाले 24,632 हिंदू मंदिर से जुड़ी 4 लाख एकड़ जमीन को कब्जे में लेने के लिए चिह्नित किया है। 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक कीमत की जमीन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से यह विवाद चल रहा है। आंध्र सरकार के धर्मार्थ मंत्री कोट्टू सत्यनारायण का दावा है कि सरकार मंदिरों और उनकी संपत्तियों की सुरक्षा करना चाहती है। इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता उपाय किए जा रहे हैं।
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फिलहाल, जिन मंदिरों और जमीनों को चिह्नित किया गया है, उनसे जुड़े विवादों का निपटारा किया जाएगा। इस सिलसिले में हाल ही में विजयवाड़ा में श्री दुर्गा मल्लेश्वर स्वामीवरला देवस्थानम के साथ विवादास्पद मंदिर भूमि के सत्यापन, प्राथमिक विवरण और पंजीकरण को लेकर विचार विमर्श किया गया है। जल्द ही विवाद का हल निकल आएगा। सत्यनारायण ने कहा कि मंदिरों की जमीनों के रिकॉर्ड सुरक्षित करने के लिए एक सॉफ्टवेयर पहले ही तैयार किया जा चुका है।
26 जिलों में समीक्षा बैठक
पूरे राज्य में मंदिरों की जमीन को सुरक्षित करने के लिए राज्य के सभी 26 जिलों के धर्मार्थ आयुक्तों के साथ समीक्षा बैठक की गई, जिसमें उन्हें मंदिरों की भूमि की रक्षा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।