रमजान के त्यौहार के मद्देनजर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को नीति आयोग से गर्वनिंग काउंसिल की बैठक की तारीख बदलने की मांग की है। आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार को पत्र लिखकर उन्होंने तिथि को 17 जून के बजाय अगले दिन के लिए निर्धारित करने को कहा है। मुख्यमंत्री नायडू ने कुमार को लिखे पत्र में कहा कि रमजान 16 जून को मनाया जाएगा। इसके बाद 17 जून को ईद-ए-मिलाप है।
मुख्यमंत्री होने के नाते इन त्योहारों के लिये राज्य की राजधानी में मेरी मौजूदगी जरूरी है। इसलिए कृपया गवर्निंग काउंसिल की बैठक 18 जून या फिर कम से कम 17 जून की दोपहर तक के लिए टाल दें। याद रहे कि आयोग की बैठक पहले 16 जून को होनी थी जिसे पहले ही 17 जून तक के लिए बढ़ाया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में होने वाली यह बैठक सुबह शुरू होती है और शाम तक चलती है।
गवर्निंग काउंसिल की चौथी बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल नहीं होने के कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस बार बैठक में भाजपा और उनके सहयोगी दलों द्वारा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री ही शामिल होंगे। इसकी वजह अगले साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव बताए जा रहे हैं। गर्वनिंग काउंसिल की बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और उनके साथ विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं।
इस दौरान तय मुद्दों पर राज्यों से चर्चा की जाती है और अहम फैसले लिए जाते हैं। याद रहे कि हाल ही में नायडू का दल टीडीपी राजग के घटक दलों से अलग हो गया। इसके बाद कई प्रमुख विपक्षी दलों ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव और उपचुनावों में भाजपा के खिलाफ अपनी एकता का प्रदर्शन भी किया था।
गौरतलब है कि नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में दो साल पहले केंद्रीय योजनाओं में अहम बदलावों का निर्णय राज्यों की सहमति के बाद लिया गया था। इस दौरान नायडू राज्यों के समन्वय में अहम भूमिका निभा रहे थे और तीन मुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में बनी समितियों में से एक के अध्यक्ष भी थे।