आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी
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राजधानी बदलने की खबरों पर लोगों में असंतोष फैलने के बाद आंध्र प्रदेश सरकार ने इस पर फैसला टाल दिया है। आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने उसे दूसरी जगह ले जाने पर निर्णय शुक्रवार को टाल दिया। मंत्रिमंडलीय सूत्रों ने यहां बताया कि राजधानी और संबंधित मुद्दों पर अपने फैसले को अंतिम रूप देने से पहले सरकार विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और शीघ्र ही आने वाली अंतरराष्ट्रीय परामर्श कंपनी की रिपोर्ट का अध्ययन करने के लिए एक अन्य उच्चाधिकार प्राप्त समिति बनाएगी।
अटकलें थीं कि सरकार सेवानिवृत आईएएस अधिकारी जी एन राव की अगुवाई वाली छह सदस्यीय विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर राजधानी पर शीघ्र ही फैसला कर सकती है, लेकिन सूत्रों ने कहा कि मंत्रिमंडल ने बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) की रिपोर्ट का इंतजार करने का फैसला किया।
हालांकि मंत्रिमंडल ने जी एन राव समिति की सिफारिशों पर चर्चा की। सरकार ने इस अंतरराष्ट्रीय परामर्श कंपनी को राजधानी के विकास, उस पर आने वाले खर्च और अन्य संबंधित विषयों का अध्ययन करने का कामम सौंपा था।
बीसीजी ने कुछ दिन पहले वाई एस जगनमोहन रेड्डी को अंतरिम रिपोर्ट सौंपी थी। ऐसी संभावना है कि तीन जनवरी 2020 को बीसीजी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी। उसके बाद सरकार जी एन राव समिति और अंतरराष्ट्रीय परामर्श कंपनी की रिपोर्ट का विश्लेषण करने के लिए नौकरशाहों की उच्चाधिकार समिति बनाएगी।