आंध्र प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अमजत बाशा शेख बेपारी ने बुधवार को बताया कि आंध्र प्रदेश विधानसभा ने नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि एनपीआर अपने मौजूदा प्रारूप में लोगों के प्रति भय पैदा कर रहा है। एनपीआर 2020 में माता-पिता के स्थान और जन्म तिथि, मातृभाषा आदि से संबंधित नए स्तंभों को जोड़ने से लोगों के बीच अनावश्यक भ्रम और विश्वास की कमी हुई है।