आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी सुप्रीमो वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने गुरुवार को राज्य की मौजूदा एनडीए सरकार पर नकली शराब के उत्पादन, वितरण और बिक्री को संस्थागत बनाने का आरोप लगाया है। फिलहाल राज्य सरकार की तरफ से इस पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि राज्य की सत्तारूढ़ तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) सरकार ने 'नकली और मिलावटी शराब' के उत्पादन, वितरण और बिक्री को संस्थागत रूप दे दिया है।
'राज्य में खुलेआम बिक रही अवैध-मिलावटी शराब'
तडेपल्ली में मौजूद वाईएसआरसीपी के केंद्रीय कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए रेड्डी ने कहा कि, 'पूरे राज्य में अवैध और मिलावटी शराब खुलेआम बेची जा रही है, और यह सब सरकार की जानकारी में हो रहा है। यह धंधा टीडीपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के संरक्षण में चल रहा है।'
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टीडीपी नेताओं और समर्थकों पर भी लगाए आरोप
जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर टीडीपी नेता और उनके समर्थक खुद की शराब दुकानों में नकली शराब तैयार कर बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में बेल्ट शॉप्स (अवैध शराब दुकानें) की नीलामी तक पुलिस सुरक्षा में कराई जा रही है। वहीं, बिना अनुमति वाले परमिट रूमों में भी महंगे दामों पर शराब बेची जा रही है।
सरकार को भारी राजस्व नुकसान- जगन मोहन
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की अवैध शराब बिक्री से सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है और जनता का स्वास्थ्य भी खतरे में पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि पारावाड़ा, पलकोल्लू, अमलापुरम, एलूरु, रेपल्ले और नेल्लोर जैसे कई इलाकों में नकली शराब फैक्ट्रियां पकड़ी गई हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन फैक्ट्रियों से बरामद स्टिकर्स, लेबल, सील, बोतलें, कैन, कार्टन और मशीनें भी दिखाईं।
टीडीपी की तरफ से प्रतिक्रिया का इंतजार
जगन रेड्डी ने कहा कि 'नकली शराब के इस संगठित कारोबार की जड़ें टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू और उनके बेटे नारा लोकेश के समय से जुड़ी हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि हाल ही में यह पूरा रैकेट इसलिए उजागर हुआ क्योंकि 'मुनाफे के बंटवारे को लेकर टीडीपी के अंदर ही झगड़ा' हो गया। फिलहाल इस पूरे मामले पर अब तक टीडीपी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।