सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में सामुदायिक रसोईघर बनवाने का निवेदन करनी याचिका की सुनवाई पर सहमति दे दी है। याचिका में देश भर से भुखमरी और कुपोषण खत्म करने के लिए रसोईघरों की स्थापना की मांग की गई है। सुनवाई 27 अक्तूबर से शुरू होगी। इसके लिए चीफ जस्टिस एनवी रमन की अध्यक्षता में जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच बनाई गई है।
चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में बनी बेंच 27 अक्तूबर से करेगी सुनवाई
याचिककर्ताओं की वकील आशिमा मांडला ने कोर्ट में कहा कि कोरोना महामारी के चलते यह मामला महत्वपूर्ण हो चुका है। उन्हाेंने दावा किया कि देश में पांच साल से कम उम्र में मरने वाले 69 प्रतिशत बच्चे कुपोषण की वजह से जान गंवा रहे हैं। 38 प्रतिशत बच्चों का शारीरिक विकास ठीक से नहीं हो पा रहा। अगर सभी राज्य सरकारें सामुदायिक रसोईघर बनवाए तो सभी को पोषणयुक्त भोजन दे पाएगी। उन लोगों को भी मदद मिलेगी जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी वजह से शामिल नहीं हो पाते।