चीन के साथ चल रहे डोकलाम विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इशारों में चीन को घेरा है। उन्होंने एशिया की सबसे प्राचीन भारतीय पद्धति 'तर्कशास्त्र' का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी मुद्दे के हल के लिए बातचीत ही एकमात्र तरीका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'यह एक पुरानी भारतीय अवधारणा है जिसमें संवाद और बहस पर विचारों के आदान-प्रदान के मॉडल को अपनाया गया है। जिसमें किसी भी मुद्दे को बातचीत के जरिए हल किया जाता था।'
'संवाद-ग्लोबल इनिशिएटिव ऑन कॉन्फ्लिक्ट अवॉयडेंस एंड एंटरटेनमेंट कॉन्शियसनेस' कार्यक्रम को वीडियो मैसेज के जरिए संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि '21वीं सदी के अहम मुद्दों में शामिल आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन को डॉयलाग और बातचीत के जरिए आसानी से हल किया जा सकता है।'
भगवान कृष्ण, भगवान राम, भगवान बुद्ध और भक्त प्रह्लाद को जिक्र किया और कहा कि सभी ने हमेशा से अपने कर्तव्य का पालन किया और कर्तव्य को ही धर्म माना।
गौरतलब है कि भारत-चीन के बीच सिक्किम में सीमा विवाद काफी बढ़ चुका है। चीन, भूटान के डोकलाम में सड़क बना रहा है और भारत ने इसका जोरदार विरोध कर रहा है।
भूटान का डोकलाम पठार भारत (सिक्किम), चीन, भूटान के ट्राइजंक्शन पर है। डोकलाम को चीन डोंगलांग कहता है। इस इलाके में चीन की दखलंदाजी और सड़क बनाकर अपनी स्थिति मजबूत करने से भारत और भूटान को परेशानी है।