फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुंबई में गणेश विसर्जन शुरू: 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारों और ढोल-ताशों से गूंजा शहर, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Fri, 25 Sep 2026 09:19 AM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, मुंबई

सार

अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमा विसर्जन को देखते हुए मुंबई में व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की गई है। शहर में 24 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जबकि बीएमसी ने 25 हजार से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों को लगाया है। विसर्जन के लिए प्राकृतिक स्थलों और कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
गणपति विसर्जन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुंबई में शुक्रवार सुबह गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के जुलूस शुरू हो गए। 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारों और ढोल-ताशों की गूंज के बीच श्रद्धालु गणेश उत्सव के अंतिम दिन भगवान गणेश को भावुक विदाई देने की तैयारी में जुटे।
विज्ञापन


बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में सार्वजनिक गणेश पंडालों में पारंपरिक पूजा और आरती के बाद कई प्रमुख मंडलों के विसर्जन जुलूस निकले। जुलूसों में उत्साहपूर्ण जयकारे, पारंपरिक संगीत और गुलाल व फूलों की पंखुड़ियों की बारिश देखने को मिली। कई अन्य जुलूस दिन में बाद में निकलने वाले हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुंबई में शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के मौके पर गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, विसर्जन जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए शहर में 24 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। वहीं, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने विसर्जन प्रक्रिया को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए 25 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया है।
विज्ञापन


12 दिन तक चलने वाला गणपति उत्सव अनंत चतुर्दशी के दिन समाप्त होता है। इस दिन श्रद्धालु गणेश प्रतिमाओं को प्राकृतिक जल स्रोतों या कृत्रिम तालाबों में विसर्जित कर भगवान को विदाई देते हैं। इस मौके पर मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में रंग-बिरंगे और उत्साह से भरे जुलूस निकलते हैं। उत्सव शुक्रवार देर रात तक और अगले दिन तड़के तक जारी रहने की संभावना है।

लालबाग इलाके में बड़ी संख्या में जुटे श्रद्धालु
लालबाग इलाके में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, सड़कों के किनारे जुटे। लोगों ने रंग-बिरंगे विसर्जन जुलूस और ‘पुष्पवृष्टि’ यानी गणेश प्रतिमाओं पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाने का दृश्य देखा और उत्सव के माहौल का आनंद लिया। गणेशोत्सव के दौरान मुंबई और देश के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग लालबाग पहुंचते हैं। यहां प्रसिद्ध लालबागचा राजा समेत कई गणेश पंडालों में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

कई जुलूसों में पारंपरिक ढोल-ताशा दल शामिल रहे। श्रद्धालु नाचते और भक्ति के जयकारे लगाते हुए गिरगांव चौपाटी की ओर बढ़े। गिरगांव चौपाटी मुंबई के प्रमुख विसर्जन स्थलों में से एक है। इसके अलावा अन्य विसर्जन स्थलों की ओर भी जुलूस रवाना हुए।

संवेदनशील स्थानों पर विशेष बलों की तैनाती
मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने यातायात व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए व्यापक एडवाइजरी जारी की है। जोगेश्वरी-विखरोली लिंक रोड यानी जेवीएलआर, लालबाग और कालाचौकी समेत कई प्रमुख मार्गों पर यातायात संबंधी प्रतिबंध लागू किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि शहर में 24 हजार से अधिक जवानों की तैनाती की गई है। इनमें छह संयुक्त पुलिस आयुक्त, नौ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, 38 पुलिस उपायुक्त और 66 सहायक पुलिस आयुक्त शामिल हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत रैपिड एक्शन फोर्स, स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स, फोर्स वन, क्विक रिस्पॉन्स टीम, कानून व्यवस्था से जुड़ी प्लाटून, दंगा नियंत्रण दल, डेल्टा और कॉम्बैट यूनिट के साथ एंटी ड्रोन दस्ते भी महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहेंगे।

जेवीएलआर पर नो पार्किंग और भारी वाहनों पर रोक
मुंबई पुलिस ने लोगों से भीड़भाड़ वाली जगहों पर संयम बरतने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ सहयोग करने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि कोई लावारिस या संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। आपात स्थिति में 100 या 112 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

साकीनाका ट्रैफिक डिवीजन ने जेवीएलआर के उत्तर और दक्षिण दोनों दिशाओं में सभी प्रकार के वाहनों के लिए नो पार्किंग लागू किया है। यह प्रतिबंध एलएंडटी फ्लाईओवर से आईआईटी मार्केट गेट तक रहेगा। इसके अलावा घाटकोपर ट्रैफिक डिवीजन ने जेवीएलआर के दोनों कैरिजवे पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई है।

ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जेवीएलआर की ओर आने वाले भारी वाहनों को इसी हाईवे पर बने रहना होगा। वहीं, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जेवीएलआर की ओर जाने वाले भारी वाहनों को भी हाईवे पर आगे जाने के लिए डायवर्ट किया जाएगा।

लालबाग और कालाचौकी में भी यातायात प्रतिबंध
मध्य मुंबई के लालबाग और कालाचौकी इलाकों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रमुख सड़कों पर चौबीसों घंटे पार्किंग प्रतिबंध लागू किया गया है। डॉ. बीआर अंबेडकर रोड के दक्षिण दिशा वाले हिस्से में कॉमरेड कृष्णा देसाई चौक यानी भारत माता जंक्शन से हंसराज राठौड़ चौक यानी बावला कंपाउंड जंक्शन तक पार्किंग पर रोक रहेगी। इसी तरह डॉ. बीआर अंबेडकर रोड के उत्तर दिशा वाले हिस्से में हंसराज राठौड़ चौक से कॉमरेड कृष्णा देसाई चौक तक पार्किंग प्रतिबंध लागू रहेगा।

बीएमसी ने 25 हजार से अधिक कर्मचारियों को लगाया
बीएमसी ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि विसर्जन प्रक्रिया को सुरक्षित और सुचारु तरीके से पूरा कराने के लिए 25 हजार से अधिक अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। बीएमसी के अनुसार, विसर्जन स्थलों पर 1,132 लाइफगार्ड तैनात किए गए हैं। सुरक्षा और निगरानी के लिए 6,052 फ्लडलाइट और सर्चलाइट की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अलग-अलग विसर्जन स्थलों पर 85 एंबुलेंस और 10 मोटरबोट तैयार रखी गई हैं।

भीड़ प्रबंधन और समन्वय के लिए 261 रिसेप्शन सेंटर, 228 कंट्रोल रूम और 75 ऑब्जर्वेशन टावर बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए 489 अस्थायी शौचालयों के साथ अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

समुद्र में विसर्जन के दौरान सावधानी की अपील
बीएमसी ने लोगों से समुद्र में प्रतिमा विसर्जन के दौरान सावधानी बरतने और नगर निकाय तथा पुलिस अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बीएमसी ने तट के किनारे ब्लू बटन जेलीफिश और स्टिंगरे की मौजूदगी को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा है।

बीएमसी के मुताबिक, इस साल अब तक डेढ़ दिन, पांच दिन, छह दिन और सात दिन की अवधि के दौरान कुल 1,63,386 गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका है।

छह फीट तक की प्रतिमाओं के लिए कृत्रिम तालाब जरूरी
बीएमसी ने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार छह फीट तक ऊंची गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन कृत्रिम तालाबों में किया जाना है। इसके लिए बीएमसी ने व्यवस्था की है और नागरिकों से निर्धारित कृत्रिम तालाबों का इस्तेमाल करने की अपील की है।
विज्ञापन


अधिकारियों के अनुसार, महानगर में 387 कृत्रिम तालाबों और 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थलों पर निशुल्क सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बीएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि इन स्थानों पर प्रतिमा विसर्जन के लिए किसी व्यक्ति को पैसे न दें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें