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सियासत की बात: आनंद शर्मा ने कहा- राज्यसभा में शायद मेरा अंतिम भाषण

Tue, 08 Feb 2022 08:26 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

आनंद शर्मा ने वाजपेयी के तल्ख तेवरों का जिक्र भी करते हुए असंतोष को सम्मान देने और बहस की गुंजाइश बनाए रखने पर जोर दिया। 
 
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आनंद शर्मा - फोटो : RSTV
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विस्तार
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राज्यसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य और असंतुष्ट जी-23 नेताओं में शुमार आनंद शर्मा ने सोमवार को पार्टी नेतृत्व से दूरी और बढ़ने का सदन में संकेत दिया। शर्मा ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान कहा कि शायद संसद में उनका यह आखिरी बयान होगा।

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शर्मा ने इस दौरान बताया कि 1962 में चीन से हार के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने कैसे नेहरू सरकार को घेरा था और तब जमकर बहस होती थी। शर्मा ने कहा, 'शायद यह मेरा अंतिम वक्तव्य है।'

अभिभाषण पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस सदस्य ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए 1962 के अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र किया। शर्मा ने बताया, तब कैसे चीन से युद्ध को लेकर वाजपेयी ने नेहरू सरकार को घेरा था और संसद में मुद्दे पर चर्चा भी हुई थी। 1962 में वाजपेयी जनसंघ के युवा सांसद थे के और सरकार पर जमकर तीखे प्रहार करते रहे। शर्मा ने वाजपेयी के तल्ख तेवरों का जिक्र भी करते हुए असंतोष को सम्मान देने और बहस की गुंजाइश बनाए रखने पर जोर दिया। 
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 जिसने भी राष्ट्रपति का अभिभाषण तैयार किया है। उसने राष्ट्रपति के साथ अन्याय किया है। यह जनादेश को चुनौती देता है और देश के मुश्किल हालात को नकारता है। -आनंद शर्मा, राज्यसभा में

सांविधानिक मूल्यों का क्षरण : एनसीपी सदस्य
एनसीपी की फौजिया खान ने स्वतंत्रता, सार्वभौमिकता, धर्मनिरपेक्षता, न्याय, आजादी और लैंगिक समानता पर सरकार के दावों को खारिज करते हुए सोमवार को कहा कि पिछले कुछ सालों में संवैधानिक मूल्यों का अवमूल्यन हुआ है। धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस में खान ने कहा, 'लोकतंत्र भ्रम नहीं है। सरकार के पास एक ही अस्त्र है और वह है भ्रम अस्त्र।

सपा ने अहीर रेजिमेंट बनाने की मांग की
सपा सदस्य चौधरी सुखराम सिंह यादव ने सोमवार को राज्यसभा में मांग की कि विभिन्न युद्धों में यादव सैनिकों की शौर्यगाथा को देखते हुए सेना में अहीर रेजिमेंट की भी स्थापना की जाए। यादव ने देश के दोनों युद्धों में समुदाय के सैनिक काफी आगे रहे और दुश्मनों को खासी क्षति पहुंचाई। उन्हें इसके लिए कई वीरता पुरस्कार भी मिले। उन्होंने जातिवार जनगणना की मांग भी उठाई। 

कृषि बजट घटाने से निराशा : देवगौड़ा
पूर्व प्रधानमंत्री और जदएस नेता एचडी देवगौड़ा ने कृषि बजट में कमी करने पर चिंता जताई है। उन्होंने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि इससे कई लोगों को निराशा हुई है, जो कृषि क्षेत्र के बजट में वृद्धि की उम्मीद कर रहे थे।

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान देवगौड़ा ने कहा कि 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने के सरकारी बादों के बारे में बजट में कोई चर्चा नहीं है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में कृषि क्षेत्र के आवंटन में 3.8 फीसदी की कमी कर दी गई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सभी कृषि इनपुट पर जीएसटी हटाने की अपील भी अनसुनी कर दी गई। 


जावड़ेकर बोले- राम भक्तों पर गोली चलवाने वाले अब जल्द मंदिर बनवाने का दावा कर रहे 
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद ज्ञापन के दौरान सोमवार को राज्यसभा में सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष में जम कर नोकझोंक हुई। इस दौरान कांग्रेस एनसीपी नेता फौजिया खान, कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह के सवालों पर भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने चुनचुन कर जवाब दिया। उन्होंने कहा, यह विचित्र बात है कि जिन्होंने राम भक्तों पर गोलियां चलवाने का आदेश दिया था, वह आज तेजी से राम मंदिर बनवाने का दावा कर रहे हैं। जावड़ेकर ने राज्यसभा में धन्यवाद ज्ञापन पर चर्चा के दौरान यह बात कही। उन्होंने साफ तौर पर मुलायम सिंह की सरकार के दौरान अयोध्या में कार सेवकों पर गोली चलवाने के आदेश का जिक्र किया।

भाजपा सांसद ने राम सेतु का जिक्र करते हुए कहा, जो तब की सरकार का हिस्सा थे उस पार्टी ने अदालत में हलफनामा देकर कहा था कि भगवान राम एक काल्पनिक चरित्र थे, लेकिन अब कह रहे हैं कि भाजपा सरकार से ज्यादा तेजी से अयोध्या में राम मंदिर बनवा देंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने तंज कसते हुए कहा, अब हर कोई कह रहा है कि वह हिंदू है। 

नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण का जिक्र करते हुए जावड़ेकर ने कहा, उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के बारे में कहा कि मनमोहन सिंह की सरकार ने उसके सभी सुझावों को लागू किया। खरगे के बयान से साफ है कि उस समय के असली प्रधानमंत्री कौन थे और कौन कानूनन पीएम थे। उस वक्त सदन में मौजूद खरगे ने इसका विरोध किया और कहा कि जावड़ेकर मेरे बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश न करें। धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में सामाजिक न्याय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने काफी तरक्की की है।

कोरोना को भाजपा टीका बताया
उन्होंने कोरोना टीके पर कहा कि कुछ लोग कह रहे थे कि कोविड वैक्सीन भाजपा का टीका है और उसे लगवाने से इनकार कर रहे थे। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोवाक्सिन लगवाकर सबके मुंह बंद कर दिए।

गांधी परिवार पर साधा निशाना
जावड़ेकर ने गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा, गांधी परिवार में सब का नाम सुनता हूं, लेकिन फिरोज गांधी का नाम कभी नहीं सुनता। सभी प्रधानमंत्रियों की भी चर्चा सुनता हूं। अटल जी का भी जिक्र होता है, लेकिन ये नरसिम्हा राव का कभी नाम नहीं लेते हैं। अंबेडकर का बार बार जिक्र करते हैं, लेकिन उन्हें दो चुनाव में हराकर लोकसभा में नहीं आने दिया। इसे कैसे भूल सकते हैं। 
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