मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पहल पर रक्षा मंत्रालय और प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव दीपक सिंघल समेत वरिष्ठ अफसरों के बीच वार्ता से आगरा में वर्ल्ड क्लास इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का रास्ता साफ हो गया। साथ ही सैफई इटावा में कारगो एयरपोर्ट के विकास और इलाहाबाद के बमरौली हवाई अड्डे पर हवाई जहाजों को लाइट लैंडिंग सुविधा उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो गया है। इसके अलावा भी कई अहम मुद्दों पर दोनों सरकारों के बीच सहमति बनी है। खास बात ये है कि इनमें कई प्रोजेक्ट 3-4 साल से तो कुछेक 30-40 साल से लंबित थे।
केंद्रीय रक्षा मंत्रालय व राज्य के बीच लंबित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए शनिवार को रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव मनीष ठाकुर, जनरल आफिसर कमांडिंग मेजर जनरल विनोद शर्मा, एयरवाइस मार्शल सेंट्रल एयर कमांड इलाहाबाद ए राजेश इस्सर समेत वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल रक्षा मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव जेआरके राव के नेतृत्व में लखनऊ पहुंचा। मुख्य सचिव दीपक सिंघल की अध्यक्षता में दल के साथ बैठक हुई। इसमें पहले आगरा में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने पर चर्चा हुई।
दोनों पक्षों की सहमति से तय हुआ कि आगरा में वर्तमान में वायुसेना के नियंत्रण वाले एयरपोर्ट का विस्तार कर इसे अंतर्राष्ट्रीय रूप दिया जा सकता है। इसके लिए करीब 150 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। इस जमीन के मालिक 347 किसानों में से 300 से आगरा के जिलाधिकारी ने सहमति प्राप्त कर ली है। भूमि की कुल कीमत लगभग 165 करोड़ रुपये आएगी। प्रदेश सरकार की ओर से अपनी लागत पर एक महीने में जमीन उपलब्ध कराने पर सहमति दी गई। इसके बाद वायुसेना ने एयरपोर्ट का विस्तार के लिए सैद्धांतिक सहमति दे दी। लगभग 110 करोड़ रुपये से रनवे की लंबाई बढ़ाकर इसे अंतर्राष्ट्रीय विमानों की लैंडिंग के अनुकूल बनाने और विस्तार से जुड़े कार्य प्रदेश सरकार ही कराएगी। इस पूरे काम का पर्यवेक्षण वायुसेना के अधिकारी करेंगे।