जामिया हिंसा से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट में एक समय हंसी-मजाक का माहौल नजर आया। दरअसल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई सुनवाई के आखिर में याचिकाकर्ताओं के वकील सलमान खुर्शीद ने पीठ से कहा कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के पास उर्दू शायरी का अच्छा संग्रह है। उन्होंने चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस प्रतीक जालान की पीठ से अनुरोध किया कि वह मेहता को शायरी से जवाब देने को कहें।
खुर्शीद की अपील पर मेहता ने गालिब का एक शेर कहा, कासिद के आते-आते खत एक और लिख रखूं। मैं जानता हूं क्या वह लिखेंगे जवाब में। उन्होंने कहा, गालिब की तरह वह भी विचार के लिए अपना मुद्दा तैयार रखेंगे क्योंकि वह जानते हैं कि आपका क्या मसला चल रहा है।
शायरी सुनकर चीफ जस्टिस के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई और उन्होंने कहा, यह सुनकर अच्छा लगा कि उनके जैसे लोगों को कानून और साहित्य का भी ज्ञान है। हाईकोर्ट जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी में हिंसा मामले की सुनवाई पिछले साल दिसंबर से कर रही है। अब इस मामले की सुनवाई 13 जुलाई को होगी।