रोहिंग्या मुसलमानों पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे के जरिए अपना पक्ष रखा है। केंद्र ने कहा कि करीब 40 हजार रोहिंग्याओं ने भारत में घुसपैठ की है, जिन्हें संवैधानिक दर्जा नहीं दिया जा सकता। केंद्र ने ये भी कहा कि रोहिंग्या शर्रार्थियों का भारत में रहना गैर कानूनी है। केंद्र सरकार को आंशका है कि इनमें से कुछ लोग आतंकवादी संगठनों के संपर्क में भी हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र ने सर्वोच्च अदालत में बताया कि कई रोहिंग्या मुसलमान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और आतंकवादियों के लिंक में हैं और ये देश के लिए एक बड़ा खतरा हो सकते हैं। केंद्र ने करीब 16 पन्नों का हलफनामा कोर्ट के सामने पेश किया है। कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 3 अक्तूबर की तारीख तय की है।
As far as #Rohingyas are concerned they claimed to have entered from Myanmar using porous border between India and Myanmar: Centre in SC
— ANI (@ANI) September 18, 2017
वहीं केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ही निर्णय लेगा और फिलहाल कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जाना चाहिए।
Whatever decision has to be made will be done by the court (SC). I think we should wait for court's decision: HM Rajnath Singh #Rohingyas pic.twitter.com/LZ3pXlATLi
— ANI (@ANI) September 18, 2017
वरिष्ठ लेखिका तसलीमा नसरीन ने रोहिंग्या मुसलमानों के बिगड़े हालातों पर नाराजगी जाहिर की है। तसलीमा ने वोट बैंक की राजनीति पर हमला बोलते हुए कहा कि इंसानियत के लिए कोई जगह नहीं है, लेकिन वोटों के लिए है।
B'desh offerd land 2shelter Rohingya.What if thse ppl wre Hindus,Buddhists,Christians,Jews but not Muslims?Shelter not 4humanity but 4votes!
— taslima nasreen (@taslimanasreen) September 18, 2017
केंद्र सरकार का यह बयान सुरक्षा एजेंसियों की उस चेतावनी के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत-म्यांमार बॉर्डर पर पेशेवर तस्करों की मदद से रोहिंग्या मुसलमान समुद्र के रास्ते देश में घुसपैठ कर सकते हैं।
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